अगरतला : पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को त्रिपुरा के गोमती और सिपाहीजाला जिले में कई विजय संकल्प रैलियों में हिस्सा लिया तथा भ्रष्टाचार एवं बिगड़ती कानून व्यवस्था पर तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ हमला बोला। अधिकारी ने कहा कि तृणमूल देश की सबसे भ्रष्ट और जनविरोधी पार्टियों में से एक है। उन्होंने कहा, “2021 में तृणमूल को चुनावी बॉन्ड के माध्यम से 42 करोड़ रुपये का नकद योगदान मिला था, लेकिन 2022 में उसे 528 करोड़ रुपये मिले।
लोग ममता बनर्जी से जानना चाहते हैं कि यह पैसा कहां से आया है।” उन्होंने आरोप लगाया कि वे सरकारी खजाने को लूट रहे हैं। ठेकेदारों, आपूर्तिकर्ताओं और अवैध लाभार्थियों से कट मनी ले रहे हैं। यह पार्टी पहले ही पश्चिम बंगाल को बर्बाद कर चुकी है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता ने कहा कि तृणमूल नेता स्कूली बच्चों की किताबों और पोशाक के लिए दिए गए फंड को खा रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैं श्री धर्मेंद्र प्रधान को राज्य सरकार को पैसा देने के बजाय माता-पिता को फंड ट्रांसफर करने का प्रस्ताव दूंगा।”
उन्होंने कहा कि “मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के विश्वासघात और रक्तपात की सूची अंतहीन है, क्योंकि यह 1970 में साईबारी नरसंहार के साथ शुरू हुई थी और फिर मारीच झापी, बिजन सेतु (आनंदा मार्गी नरसंहार), नानूर, नंदीग्राम, नेताई, छोटो अंगारिया और अन्य के माध्यम से आगे बढ़ी। वही उन्होंने 25 वर्षों में त्रिपुरा में किया। अगर वे सत्ता में आए तो वही क्रम दोहराया जाएगा।”
अधिकारी ने कहा कि भांजे और बुआ की पार्टी तृणमूल भी माकपा और कांग्रेस के साथ मिलकर त्रिपुरा को तबाह करने पर उतारू है। राज्य के मतदाताओं से उनके गलत मंसूबों का शिकार नहीं होने का आग्रह किया। उन्होंने राज्य के विकास की गति को बनाए रखने के लिए त्रिपुरा में एक बार फिर ‘डबल इंजन’ सरकार की आवश्यकता पर बल दिया।
