जयपुर : अशोक गहलोत ने राजस्थान जैसी जनकल्याणकारी योजनाएं पूरे देश में कहीं भी नहीं बताते हुए कहा है कि केंद्र सरकार को राजस्थान जैसी योजनाएं पूरे देश में लागू करके आमजन को संबल प्रदान करना चाहिए। गहलोत मंगलवार को सवाईमाधोपुर की बामनवास विधानसभा क्षेत्र के गांव भेड़ोली में स्वामी शिवानंद जी महाराज के 15वें निर्वाण दिवस पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने हर वर्ग का विशेष ध्यान रखा और योजनाओं को आगामी बजट में और मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सवाईमाधोपुर जिले के विकास में कमी नहीं रखी गई है। क्षेत्र में 21 महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, उप जिला अस्पताल से जिला अस्पताल में क्रमोन्नत, चिकित्सा व नर्सिंग महाविद्यालय, बामनवास व बौंली में नई नगरपालिका का गठन सहित अनेकों विकास कार्य हुए हैं। आगे भी स्थानीय जनता की मांग के अनुसार कार्य कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने आमजन से आह्वान किया कि वे जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिकाधिक प्रचार-प्रसार कर राज्य के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी निभाएं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) को अपने संसाधनों से पूरा करेगी। अभी 9600 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं, कार्य नहीं रूकेगा। उन्होंने कहा कि इन जिलों में जल जीवन मिशन भी ईआरसीपी से पानी मिलने पर ही सफल हो सकता है। इसलिए केंद्र सरकार ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करें ताकि 13 जिलों को पीने और सिंचाई के लिए पानी मिले।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानवीय दृष्टि से ओल्ड पेंशन स्कीम (ओपीएस) को पुनः लागू करना, उड़ान योजना में प्रतिमाह निःशुल्क 12 सैनेटरी नैपकिन का वितरण, इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना, महात्मा गांधी नरेगा में अतिरिक्त 25 दिन का कार्य, सामाजिक सुरक्षा के तहत लगभग 1 करोड़ बुजुर्गों, विधवाओं और निःशक्तजनों को पेंशन, इंदिरा रसोई योजना, अनिवार्य एफआईआर सहित विभिन्न योजनाएं व अभियान सिर्फ राजस्थान में संचालित है। उन्होंने कहा कि अभी तक 1.35 लाख नौकरियां दी गई, करीब 1.25 लाख प्रक्रियाधीन है। एक लाख नौकरियों की घोषणा भी की है। राज्य रोजगार देने में भी अग्रणी बन गया है।
राजस्थान जैसी योजनाएं पूरे देश में कहीं भी नहीं
