कोलकाता : केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बोगतुई नरसंहार के आरोपी ललन शेख की हिरासत में हुई अप्राकृतिक मौत के मामले में कथित रूप से ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में दो अधिकारियों और दो कांस्टेबलों को निलंबित कर दिया है।
आधिकारिक सूत्रों ने सोमवार को बताया कि निलंबित किए गए सीबीआई अधिकारियों में पुलिस उपाधिक्षक (डीएसपी) विलास मडघुत, निरीक्षक राहुल प्रियदर्शी और कांस्टेबल शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक बीरभूम जिले के रामपुरहाट में सीबीआई की अस्थायी हिरासत में ललन शेख की मौत के बाद विभागीय जांच हुई, जिसके बाद यह दंडात्मक कार्रवाई की गई।
श्री मडघुत 21 मार्च, 2022 को हुए बोगतुई नरसंहार की जांच कर रहे थ। नरसंहार में आठ महिला और एक नाबालिग समेत 10 लोगों की जलने से मौत हो गई थी। वहीं, निरीक्षक प्रियदर्शी भादू शेख हत्या के जांच अधिकारी थे। यह घटना उसी बोगतुई नरसंहार से एक घंटे पहले हुआ था।
नसरसंहार के आरोपियों में से एक ललन शेख को सीबीआई ने चार दिसंबर, 2022 को गिरफ्तार किया था और अदालत के आदेश के बाद उसे हिरासत में लिया था। सीबीआई हिरासत में ललन शेख का शव शौचालय में लटका हुआ मिला था।
सूत्रों ने बताया कि ललन शेख की पत्नी रेशमा बीबी ने निलंबित कर्मियों में से तीन लोगों का नाम लिया था। उसने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी और सीबीआई पर अपने पति की हत्या का आरोप भी लगाया था।
सीबीआई ने दो अधिकारियों, दो कांस्टेबलों को निलंबित किया
