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कोल माइंस में ब्लास्ट से बच्चे की मौत

डालटनगंज : झारखंड के पलामू जिले के पड़वा प्रखंड के कठौतिया के बघमनवा स्थित हिन्डालको कंपनी की कोल माइंस में गिरने से एक बच्चे की मौत हो गई। बताया जाता है कि खनन क्षेत्र में हो रही ब्लास्ट को देखने के लिए किशोर गया था। अचानक बिस्फोट होने के बाद बच्चा गिर गया और गड्ढे में चला गया, जहां बारूद के गैस से दम घुटने के कारण उसकी मौत हो गई। हालांकि, घटना के बाद बच्चे को इलाज के लिए पड़वा के निजी अस्पताल में ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
इस बीच घटना के बाद स्थानीय लोग उग्र हो गए हैं और मुआवजा, उपायुक्त को मौके पर आकर बात करने, रैयतों को मुआवजा देने, दलितों को उजाड़े गए घर को बसाने सहित अन्य मांग कर रहे हैं। बच्चे के शव के साथ ग्रामीण धरना में बैठे हैं।
ग्रामीणों का नेतृत्व बसपा के प्रदेश अध्यक्ष राजन मेहता, पड़वा की प्रमुख गीता मेहता, मजदूर नेता राकेश सिंह, उप प्रमुख धर्मवीर सिंह, गिरिवर पांडे, प्रमोद यादव, महाराणा प्रताप, कुंती देवी, बीजेपी नेता प्रभात भुइयां आदि कर रहे हैं।
घटना के तीन घंटे बीत जाने के बाद भी कंपनी की ओर से या फिर जिला प्रशासन की ओर से कोई पदाधिकारी वार्ता के लिए मौके पर नहीं पहुंचा था। पुलिस की ओर से हस्तक्षेप करने की कोशिश की गई तो ग्रामीणों से भिड़ंत हो गई। शुरूआत में ग्रामीणों ने पुलिस ने मौके से खदेड़ दिया।
मौके पर बसपा के प्रदेश अध्यक्ष राजन मेहता ने कहा कि माइंस प्रबंधन की लापरवाही से एक बच्चे की जान चली गई। कंपनी अविलंब प्रभावित परिवार को एक करोड़ रुपए मुआवजा दें। इसके अलावा जिन रैयतों की जमीन कोड़ दी गई है, उन्हें मुआवजा दिया जाए। जिन दलितों का घर उजाड़ दिया गया है, उन्हें फिर से बसाया जाए।
मजदूर नेता राकेश सिंह ने कहा कि कंपनी के कार्य को पूरी तरह ठप करा दिया गया है। शुरूआत में जब स्थानीय पुलिस ने आन्दोलन में दखल डाली तो उसे खदेड़ दिया गया। उन्हांने कहा कि जबतक बच्चे के परिजनों को मुआवजा नहीं मिल जाता, उनका आन्दोलन जारी रहेगा।
इस बारे में मेदिनीनगर अनुमंडलीय पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) ॠषभ गर्ग ने बताया कि उक्त कोयला खदान में कोयला निकालने के लिए विस्फोट किए गये, लेकिन मौत विस्फोट से हुई या अन्य कारण से, यह शव को देखने के बाद ही मालूम होगा।
वहीं, कठौतिया कोयला खदान के वरिष्ठ प्रबंधक राजीव किशोर ने इस संवाददाता को जानकारी दी है कि किशोर विस्फोट में नहीं मरा है और न ही उसके चपेट में आया है। शायद बच्चा मिर्गी का शिकार था, जैसा कि उनके कर्मचारियों ने सूचना दी है। इसकी मौत विस्फोट स्थल और उसके आसपास नहीं हुई है। इसकी उम्र करीब 15 वर्ष थी।

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