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ओएनडीसी नेटवर्क पर आया वाऊ स्किन साइंस

नई दिल्ली : प्रमुख डी2सी स्किन एंड पर्सनल केयर ब्रांड वाऊ स्किन साइंस ओएनडीसी (ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स) पर आ गया है। ओएनडीसी केन्द्रीय वाणिज्य मंत्रालय के उद्योग एवं आंतरिक व्‍यापार संवर्धन विभाग (डीपीआइआइटी) की एक पहल है। इन दोनों को जोड़ने में शॉपेलिस्‍ट ने भूमिका निभाई है। ओएनडीसी का नेटवर्क अभी देश के 85 शहरों में लाइव है, जिससे वाऊ स्किन साइंस को अपना प्रोडक्‍ट पोर्टफोलियो बड़ी संख्‍या में खरीदारों को दिखाने और अपने ब्राण्‍ड के साथ उनका जुड़ाव बढ़ाने के लिये एक सही प्‍लेटफॉर्म मिलेगा।
अपनी शुरूआत से ही, वाऊ स्किन साइंस ने उद्योग में टेक्‍नोलॉजी की उन्‍नति से जुड़ी पहलें की हैं, ताकि ब्राण्‍ड को लोगों के लिये ज्‍यादा सुलभ बनाया जा सके। वाऊ स्किन साइंस ओएनडीसी के सारे सेलर ऐप्‍स पर खरीदारों के लिये खुला होगा, जिससे ब्राण्‍ड की मौजूदगी का दायरा बढ़ेगा। शॉपेलिस्‍ट के प्‍लगइन फॉर शॉपिफाई-पावर्ड स्‍टोर्स की मदद से वाऊ के उत्‍पाद ओएनडीसी नेटवर्क पर तुरंत खोजे जा सकेंगे। इसके साथ ही वाऊ सारे ऐप्‍स पर अपनी कैटालॉग दिखाएगा और उपभोक्‍ता तेजी से विकसित हो रहे नेटवर्क पर खरीदारी कर सकेंगे, जिसमें लेन-देन आसानी से होंगे।
वाऊ स्किन साइंस के सह-संस्‍थापक मनीष चौधरी ने कहा, “वाऊ में हम बड़ी मेहनत से अपना विस्‍तार कर रहे हैं, जैसे कि नये उत्‍पाद, नये चैनल्‍स या नये वर्टिकल्‍स लॉन्‍च करना। विस्‍तार के रास्‍ते पर चल रहे एक ब्राण्‍ड के लिये अभिनव और हाल के वक्‍त के मुताबिक होना जरूरी है। ओएनडीसी पर वाऊ के लॉन्‍च से हमें वाऊ के ग्राहकों की संख्‍या को बढ़ाने और देश में अपनी पहुँच बढ़ाने का एक और तरीका मिलेगा।”
ओएनडीसी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी टी. कोशी ने कहा, “ओएनडीसी का यूनिवर्स लगातार बढ़ रहा है और नेटवर्क पर नई कैटेगरीज जुड़ रही हैं, जिससे यूजर्स को उत्‍पादों की एक बड़ी श्रृंखला तक पहुँच मिल रही है। ओएनडीसी नेटवर्क पर ब्‍यूटी एण्‍ड पर्सनल केयर कैटेगरी में वाऊ स्किन साइंस के जुड़ने से यूजर्स को पर्सनल केयर और वेलनेस प्रोडक्‍ट्स की एक अनोखी विविधता मिलेगी, जिन्‍हें कई बायर ऐप्‍लीकेशंस जैसे कि पेटीएम, स्‍पाइस मनी, क्राफ्ट्सविला, मायस्‍टोर और आईडीएफसी फर्स्‍ट बैंक से खरीदा जा सकता है ।”
आज के खरीदारों और विक्रेताओं को ई-कॉमर्स के प्‍लेटफॉर्म-केन्द्रित मॉडल की आदत है, जिसमें लेन-देन के लिये उसी प्‍लेटफॉर्म पर उनकी मौजूदगी जरूरी होती है और ओएनडीसी अपने नेटवर्क पर केन्द्रित मॉडल की आसानी देता है, जिससे खरीदार और विक्रेता प्‍लेटफॉर्म या ऐप्‍लीकेशन से इतर संवाद कर सकते हैं। पब्लिसिस ग्रुप इंडिया और डिजिटल इंडिया फाउंडेशन द्वारा हाल ही में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, अगले पाँच वर्षों में ओएनडीसी नेटवर्क पर 25 करोड़ से ज्‍यादा खरीदार सामान और सेवाएं खरीदने में सक्षम होंगे।

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