सेना पर सवाल नहीं
जम्मू : राहुल गांधी ने सर्जिकल स्ट्राइक पर दिग्विजय सिंह के बयान से पूरी असहमति जताते मंगलवार को कहा कि सेना की कार्रवाई पर किसी तरह का सबूत नहीं मांगा जा सकता। उन्होंने जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने और वहां चुनाव कराने की मांग दोहराई और यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों को मिलकर रहना चाहिए। हिंसा किसी चीज का समाधान नहीं है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस जम्मू-कश्मीर में ‘ मोहब्बत की दुकानें’ खोल रही है और उनकी भारत जोड़ो यात्रा देश में बना दिये गये ‘नफरत के माहौल’ से लड़ने में बहुत हद तक सफल रही है। गांधी ने ऊधमपुर जाते हुए जम्मू शहर के बाहरी इलाके झज्जर कोटली में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “ यह यात्रा देश में फैलाये जा रहे नफरत के माहौल से लड़ने में काफी हद तक सफल रही है। ”
गांधी मंगलवार की शाम रामबन पहुंचेंगे और बुधवार को यात्रा बनिहाल होते कश्मीर की ओर से रवाना होगी। उन्होंने कहा, “ यात्रा लोगों को एकसाथ लाने में सफल रही है और यात्रा के दौरान विभिन्न क्षेत्रों के लोगों से मुलाकात के दौरान उन्होंने कई सबक सीखे और उन्हें अनेक तरह के अनुभव हासिल हुए। हम प्रेम का संदेश फैला रहे हैं और कांग्रेस के लिए देश में नफरत की की खातिर कोई जगह नहीं है।”
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर को बलि का बकरा बनाया गया है। कांग्रेस ‘मोहब्बत की दुकानें ’ खोल रही है और सभी तरह के लोगों को एकजुट कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के देश में बोये गये नफरत के बीजों को नष्ट कर रही है और लोगों को एक-दूसरे से जोड़ रही है।
गांधी ने कहा कि उनके मन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित किसी के लिए लेशमात्र भी घृणा का भाव नही है। उन्होंने यह भी कहा, “ मैं किसी से डरता नहीं हूं, तो मैं किसी से से नफरत क्यों करूं।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस का जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने और विधानसभा चुनाव कराने के मामले में मत एकदम स्पष्ट है।
गांधी ने कहा, “ हम जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के लिए पूरी ताकत लगा देंगे। ”
कांग्रेस नेता कहा, “कश्मीरी पंडितों, किसानाें और बेरोजगार युवकों से जब मैं मिलता हूं तो उन्हें यह उम्मीद होती है कि उनकी आवाज निश्चित रूप से उठाई जायेगी। यदि मैं उनकी आवाज नहीं उठाउंगा तो निश्चित रूप से समस्या होगी। ”
एक सवाल पर कि कश्मीरी पंडितों का मानना है कि अनुच्छेद 370 के हटने से उन्हें कोई फायदा नहीं हुआ है, गांधी ने कहा, “ 370 पर हमारी सोच बिल्कुल साफ है, इसमें कोई भ्रम नहीं है। आप वर्किंग कमेटी (कांग्रेस) का प्रस्ताव देख लीजिए।”
उन्होंने कहा, “ हम यह भी चाहते हैं कि जो जम्मू-कश्मीर के बीच में भाजपा ने खाई बनायी है, जिससे दोनों का नुकसान हुआ है, उसको पाटा जाए और जो मैंने पहले बोला था, मैं मोहब्बत की दुकान। एक नहीं हजारों-लाखों मोहब्बत की दुकानें जम्मू-कश्मीर में खोलना चाहते हैं। क्योंकि हम समझते हैं कि अगर सब एकसाथ मिलकर रहेंगे तो जम्मू-कश्मीर आगे बढ़ सकता है। ” कांग्रेस नेता ने कहा कि नफरत से कुछ नहीं होता है, हिंसा से कुछ नहीं होता है, हिंसा से कोई समाधान नहीं निकल सकता।
गांधी ने कहा, “ गुलाम नबी आजाद के 90 फीसदी समर्थक आज उनके मंच पर हैं।”
यह पूछे जाने पर कि भारत जोड़ो यात्रा पर करोड़ो रुपये खर्च किये गये हैं, उन्होंने कहा,
“भाजपा और आरएसएस ने मेरी छवि खराब करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किये हैं। मैं भाजपा से कहना चाहता हूं कि धन से सच को छिपाया नहीं जा सकता क्योंकि सच की बाहर आने की आदत होती है। ”
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में युवा निराशा और असहजता से पीड़ित हो रहे हैं। भारत जोड़ो यात्रा उनकी पीड़ा की साझीदार बनना और उनकी आवाज सुनना चाहती है।
