सुप्रीम कोर्ट ने 2018 के फैसले पर कहा- यह आर्मी एक्ट पर लागू नहीं होता
नई दिल्ली। अनैतिक संबंधों यानी एडल्टरी के मामले में दोषी पाए जाने पर तीनों सेनाएं अपने कर्मचारी के खिलाफ कोर्ट मार्शल की कार्रवाई कर सकती हैं। सुप्रीम कोर्ट की 5 जजों की बेंच ने मंगलवार को रक्षा मंत्रालय की अर्जी पर यह स्पष्टीकरण दिया है। रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि ऐसे मामले में दोषी अफसर कोर्ट के फैसले का हवाला दे रहे हैं। यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकता है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 27 सितंबर 2018 को आईपीसी की धारा 497 को असंवैधानिक करार दिया था। इसके तहत एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर यानी एडल्टरी को अपराध बताया गया था। जस्टिस केएम जोसेफ की अध्यक्षता वाली 5 जजों की कॉन्स्टिट्यूशनल बेंच ने इसी फैसले को लेकर सफाई दी और कहा कि अदालत के 2018 के फैसले का आर्मी एक्ट पर लागू नहीं होता।
एडल्ट्री के दोषी का कोर्ट मार्शल कर सकती हैं सेनाएं
