श्रीनगर : महबूबा मुफ्ती ने बुधवार को आरोप लगाया कि चलाये जा रहे विध्वंस अभियान का असली उद्देश्य भ्रष्टाचार है और भारतीय जनता पार्टी अमीरों से नोट व गरीबों से वोट लेना चाहती है। मुफ्ती ने सरकार से पहले गवर्नर हाउस और बादामी बाग छावनी से विध्वंस शुरू करने के लिए कहा, जो राज्य की भूमि पर बने हैं। उन्होंने पूछा,“मुझे बताओ कि गवर्नर हाउस और बीबी कैंट कहाँ हैं .. अगर वे (सरकार) कहते हैं कि वे पहले प्रभावशाली लोगों को ध्वस्त कर देंगे तो गवर्नर हाउस और बीबी छावनी से शुरू करें। वे ऐसा क्यों नहीं कर रहे हैं?”
मुफ्ती ने बुधवार को श्रीनगर में पार्टी मुख्यालय में संवाददाताओं से कहा कि अभी चल रहा अभियान भ्रष्टाचार का हिस्सा है। उन्होंने कहा,“मैं बड़ी जिम्मेदारी के साथ कहना चाहती हूं कि यह (अतिक्रमण विरोधी अभियान) भ्रष्टाचार का हिस्सा है। वे अमीरों से पैसा और गरीबों से वोट लेना चाहते हैं। वे गरीबों को मजबूर करना चाहते हैं ताकि उन्हें भाजपा कार्यालय में बुलाकर पार्टी का समर्थन करने को कहा जाए। अमीरों को एक विशिष्ट अधिकारी से मिलने के लिए कहा जाता है जो कि भ्रष्टाचार का भी हिस्सा है।”
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि अतिक्रमण विरोधी एक नया हथियार है जिसका इस्तेमाल भाजपा सरकार यहां के लोगों को परेशान करने के लिए कर रही है। उन्होंने कहा,“यह भाजपा का एक नया हथियार है, जैसे उनके पास यूएपीए, पीएसए, एनआईए, ईडी और अन्य एजेंसियां हैं, जम्मू-कश्मीर के लोगों का शिकार करने और उन्हें घरों से उखाड़ने के लिए।”
उन्होंने सरकार से पहले उस 20,000 वर्ग किलोमीटर जमीन लेने को कहा, जिस पर चीन का कब्जा है। उन्होंने इस ‘हमले’ के खिलाफ लड़ने के लिए जम्मू-कश्मीर के लोगों से एकजुट होने का आह्वान किया।
गौरतलब है कि पूरे जम्मू-कश्मीर में अधिकारियों ने अतिक्रमण की गयी सरकारी भूमि को वापस लेने के प्रयास तेज कर दिए हैं। केंद्र शासित प्रदेश में चलाये जा रहे इस अभियान ने हंगामा खड़ा कर दिया है।
विध्वंस अभियान का मकसद अमीरों से नोट और गरीबों से वोट
