नई दिल्ली : सरकारी उद्योग की मैंगनीज उत्पादक कंपनी मॉयल ने चालू वित्त वर्ष में 31 दिसंबर, 2022 को समाप्त तीसरी तिमाही में 39.52 करोड़ रुपये का लाभ दिखाया है।
इस्पात मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में आने वाले इस कंपनी की ओर से जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार दूसरी तिमाही की तुलना में तीसरी तिमाही का लाभ 45 प्रतिशत अधिक है। भारत में मैंगनीज बाजार में 45 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाली मॉयल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) अजीत कुमार सक्सेना ने कहा, “कंपनी आने वाले महीनों में बेहतर प्रदर्शन दर्ज करने के लिए तैयार है।”
मॉयल के निदेशक मंडल ने 31 दिसंबर की बैठक में कंपनी की चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही और पहले नौ महीनों की वित्तीय रिपोर्ट परिणामों को मंजूरी दी।
तीसरी तिमाही में कंपनी ने इसी अवधि के दौरान उत्पादन में 40 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करते हुए दूसरी तिमाही के 2.41 लाख टन मैंगनीज के मुकाबले 3.37 लाख टन का उत्पादन किया है। वित्त वर्ष 2022-23 की दूसरी तिमाही की तुलना में मैंगनीज अयस्क की बिक्री भी 44 प्रतिशत बढ़कर 2.06 से 2.97 लाख टन हो गई।
कंपनी का परिचालन राजस्व इसी दौरान इसी अवधि के दौरान 28 प्रतिशत सुधर कर 236 करोड़ रुपये की तुलना में 302 करोड़ रुपये रहा।
चालू वित्त वर्ष के पहले नौ माह में उत्पादन पिछले साल इसी अवधि की तुलना में पांच प्रतिशत बढ़कर 8.57 लाख टन की तुलना में 9.00 लाख टन रहा। कंपनी ने कहा है कि इस बार ज्यादा बारिश होने के बावजूद उत्पादन में सुधार उल्लेखनीय है।
मॉयल के निदेशक मंडल ने चालू वित्त वर्ष के लिए 3.00 प्रति शेयर की दर से लाभांश घोषित किया है जो कुल 61.05 करोड़ रुपये बनता है। कंपनी के शेयर का अंकित मूल्य 10.00 रुपये हैं।
कंपनी का 2030 तक अपने उत्पादन को लगभग दोगुना करके 30 लाख टन तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य है। कंपनी मध्य प्रदेश राज्य के अन्य क्षेत्रों के अलावा गुजरात, राजस्थान और ओडिशा राज्य में भी खनन की संभावनाएं तलाश रही है।
मॉयल का शुद्ध लाभ तीसरी तिमाही में दूसरी तिमाही से 45 प्रतिशत बढ़ा
