भीलवाड़ा : भारतीय सांस्कृतिक निधि इंटेक भीलवाड़ा कन्वीनर एवं पर्यावरणविद बाबूलाल जाजू ने झील एवं जलाशयों से अतिक्रमण हटाने की मांग की है। जाजू ने विश्व आर्द्रभूमि दिवस के मौके पर वन मंत्री एवं राजस्थान स्टेट वेटलैंड अथॉरिटी के अध्यक्ष हेमाराम चौधरी का ध्यान आकृष्ट करते हुए बताया कि प्रदेश में 443 झील जलाशयों की कुल सात लाख 82 हजार 384 हेक्टेयर भूमि रिकॉर्ड में दर्ज है जिसमें से अधिकांश झील जलाशयों के किनारों व तालाबों में पानी आने वाले मार्ग पर अत्यधिक अतिक्रमण होने से इनका क्षेत्रफल कम होता जा रहा है वही सरकारी अधिकारियों ने तालाबों की जमीन का आवंटन एवं बेचान तक कर दिया है।
उन्होंने चौधरी से अतिक्रमण हटाने की गुहार की। उन्होंने बताया कि भीलवाड़ा का कुल क्षेत्रफल 10455 वर्ग किलोमीटर है जिसमें से 72563 हेक्टेयर भूमि तालाबों के नाम से रिकॉर्ड में दर्ज है। राज्य में 342239 वर्ग किलोमीटर भूमि में से मात्र 2.29 प्रतिशत क्षेत्र ही झील जलाशयों के नाम दर्ज है जिसका भी अधिकांश भाग संबंधित अधिकारियों की घोर लापरवाही से अतिक्रमण की चपेट में है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में तालाबों की भूमि पर अतिक्रमण होने से जैवविविधता नष्ट हो रही है जिसका बुरा असर जंगल, पहाड़, नदियों, झरनों एवं जंगली जीव जंतुओं पर पड़ रहा है साथ ही तालाबों में सीवरेज का पानी जाने से भी तालाब प्रदूषित हो रहे हैं। झील जलाशय प्रदूषित होने के कारण प्रवासी पक्षियों का आना काफी कम हो गया है अनेक बार प्रदूषण के कारण परिंदों की अकाल मृत्यु हो जाती है।
इंटेक ने झील जलाशयों से अतिक्रमण हटाने की मांग
