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सस्ता और समय से न्याय मिले, यही सबका लक्ष्य

प्रयागराज : योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संगम तट पर बसे प्रयागराज की पावन भूमि पर स्थित न्याय के मंदिर इलाहाबाद उच्च न्यायालय में प्रदेश के करोड़ो लोगों का विश्वास है। सबको सस्ता और समय से न्याय मिले, यही सबका लक्ष्य है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की स्थापना के 150 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुये श्री योगी ने शुक्रवार को कहा कि बार व बेंच के बेहतर समन्वय का यह कार्यक्रम अधिवक्ता कुंभ ही है। प्रयागराज न्याय का पवित्र मंदिर भी है। जब कोई अपनों से पीड़ित-प्रताड़ित होता है, आस व विश्वास खो देता है तो आशा भरी निगाहों से न्याय के इस मंदिर की ओर देखता है। यहां से मिली राह जीवन की नई राह होती है। बार-बेंच का यह समन्वय इसे प्रस्तुत करने का कार्य कर रहा है।
योगी ने कहा कि गरीब विश्वास से आता है, लेकिन टूटे चेंबर से आशंका होती है कि सही जगह आया हूं कि नहीं। शासन उनके लिए अच्छे चेंबर बनाना चाहता है। यह गरीब को न्याय दिलाने का सशक्त माध्यम बनेगा। न्यायालय में आने वाला व्यक्ति भाई पर विश्वास नहीं करता, लेकिन अधिवक्ता पर विश्वास करता है। यह बहुत बड़ी पूंजी है, इसे संजोए रखना होगा। इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए शासन ने पैसा उपलब्ध कराया है, कई जगह प्रस्ताव मांगे हैं। जिला न्यायालय में चैंबर के लिए प्रयागराज में 11.31 करोड़, कासगंज में 5.25 करोड़, लखनऊ के लिए 4.88 करोड़, श्रावस्ती 4.85 करोड़ रुपये स्वीकृत करा चुके हैं। यूपी के 25 करोड़ की जनता के विश्वास के साथ कार्य कर रहे हैं। न्यायपालिका व कार्यपालिका मिलकर सही व सस्ता न्याय कैसे दिला सकते हैं, इस पर प्रयास करना होगा।
सबको सस्ता और समय से न्याय मिले, यही सबका लक्ष्य है। सीएम व मुख्य न्यायाधीश की बैठक में न्यायपालिका के इंफ्रास्ट्रक्चर व सही-सस्ते न्याय दिलाने की चर्चा होती है। शासन-न्यायपालिका की भी यही मंशा है, जब बार उससे जुड़ जाता है तो तेजी से इसे बढ़ाने में मदद मिलती है। हम यहां मल्टीलेवल पार्किंग की व्यवस्था करने जा रहे हैं। शासन ने राशि उपलब्ध करा दी है। इसके पूर्ण होते ही 2500 चेंबर बनाने और 10 हजार अधिवक्ताों के बैठने की व्यवस्था होगी।
योगी ने कहा कि अधिवक्ताओं से जुड़ी कई घोषणाएं पहले हुई थीं। आकस्मिक मृत्यृ पर आर्थिक सहायता देने की व्यवस्था 60 से बढ़ाकर 70 वर्ष करने का निर्णय लिया गया है। अधिवक्ता कल्याण निधि में पंजीकरण के 30 वर्ष की सदस्यता पूर्ण होने पर त्यागपत्र या मृत्यु होने पर आश्रित को डेढ़ लाख से 5 लाख कर ली है।
युवा अधिवक्ताओं को शुरूआती तीन वर्ष में पुस्तक-पत्रिका क्रय करने के लिए दी जाने वाली राशि वित्तीय स्वीकृति संबंधी आदेश निर्गत किए जा चुके हैं। सामाजिक सुरक्षा निधि योजना के तहत मृत्यु के दावे के रूप में 2017-18 से 31 जनवरी 23 तक 13 करोड़ 37 लाख 92 हजार से अधिक भुगतान राशि न्यासी समिति की ओर से की जा चुकी है। मृतक अधिवक्ताओं के उत्तराधिकारियों को इस दौरान आर्थिक सहायता के रूप में 111 करोड़, 81 लाख 50 हजार रुपये का भुगतान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी की लड़ाई में अधिवक्ता समुदाय ने न केवल भाग लिया, बल्कि देश को नेतृत्व भी दिया। देश की आजादी को नई दिशा देने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी रहें हों या संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद, संविधान सभा के कार्यकारी अध्यक्ष सच्चिदानंद सिन्हा रहे हों या संविधान को स्वरूप देने वाले शिल्पी बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर। प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू रहे हों या सरदार वल्लभ भाई पटेल। देश का हर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, जिन्होंने जुर्म की परवाह किए बिना लगातार आजादी के लिए लड़ता रहा, उसमें अधिवक्ता समुदाय अग्रणी भूमिका में रहा। इस पुरातन पहचान को फिर से आगे किए जाने की आवश्यकता है।
उन्होने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हर क्षेत्र में देश को नेतृत्व दिया है। पिछले दिनों दिल्ली में मुख्यमंत्रियों व चीफ जस्टिस की बैठक थी। देश में लोक अदालत का परिणाम देख रहा था तो देश में जितने मुकदमों का निस्तारण हुआ था, उनमें से आधे से अधिक यूपी के थे। यानी यूपी में पहले भी यह क्षमता थी और आज भी है। वह कौन सा क्षेत्र था, जिसमें यूपी ने नेतृत्व न दिया हो, आज फिर उसी भूमिका से जाना जा रहा है। सामूहिक प्रयास होना चाहिए।

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