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बुलडोजरों पर तत्काल रोक लगाएं

श्रीनगर : उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को कहा कि केन्द्रशासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में बुलडोजरों पर तत्काल रोक लगायी जाए।
अब्दुल्ला ने कहा जम्मू कश्मीर में प्रशासन की पहली प्रतिक्रिया बुलडोजर नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले एक सप्ताह में ‘राज्य की जमीन’ को पुनः प्राप्त करने के लिए प्रशासन द्वारा शुरू किया गया अतिक्रमण विरोधी अभियान जोरों पर है।
अब्दुल्ला ने श्रीनगर में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि प्रशासन की बुलडोजर प्रतिक्रिया प्राथमिक नहीं अंतिम होनी चाहिए। हम प्रशासन से बुलडोजरों चलाने पर इस पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे किसी के जमीन पर कब्जा करने के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन सरकार को पहले नोटिस जारी करना चाहिए और अगर किसी ने जमीन पर कब्जा किया है तो पहले उनसे स्पष्टीकरण मांगना चाहिए न कि बुलडोजर चलाना चाहिए। बुलडोजर तो अंतिम प्रक्रिया होती है।
नेकां उपाध्यक्ष ने कहा, “जहां कहीं भी बुलडोजर किसी भी क्षेत्र में अतिक्रमण को हटाने के लिए जाता है, इससे पहले उन लोगों को नोटिस दिया जाता है। यदि कोई (अतिक्रमणकारी) है तो सरकार एक आधिकारिक सूची क्यों नहीं ला रही है। ऐसे काहवत को चरितार्थ नहीं करना चाहिए ‘जिसकी लाठी उसी की भैंस।” श्री अब्दुल्ला ने कहा, “हम सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने वालों का समर्थन नहीं कर रहे हैं, लेकिन उनके खिलाफ बेदखली के लिए एक प्रक्रिया होनी चाहिए। सूचियों और रिकॉर्ड को सार्वजनिक डोमेन में रखा जाना चाहिए और कोई कार्रवाई करने से पहले उन्हें नोटिस भेजा जाना चाहिए ताकि वे इस पर अपनी प्रतिक्रिया समय पर दे सकें।”
अब्दुल्ला ने कहा कि केन्द्रशासित प्रदेश की पूरी जनता इस अतिक्रमण अभियान से परेशान है और उलझन बनी हुई हैॅ। उन्होंने कहा कि हाल ही में उनकी बहन ने एक घर के संबंध में उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, जिसके लिए उनके पास वैध पट्टा है, लेकिन सोशल मीडिया पर प्रसारित ‘तथाकथित अतिक्रमण सूची’ में इसका उल्लेख किया गया है। उन्होंने कहा, “सरकारी वकील ने उच्च न्यायालय को बताया कि सूची फर्जी है। हम पूछ रहे हैं कि किस आधार पर बुलडोजरों को अतिक्रमण को ध्वस्त करने के लिए भेजा जा रहा है।” अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार के एक बयान में कहा गया है कि गरीबों को बख्शा जाएगा, लेकिन कानून गरीब और अमीर के बीच में अंतर नहीं करता है।
अब्दुल्ला ने आरोप लगाया कि इस अतिक्रमण विरोधी अभियान में असंतुलन है। जिससे ऐसा दिखाई देता है कि जम्मू में किन-किन क्षेत्रों को निशाना बनाया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत हो रहा है कि प्रशासन यहां भाईचारे को बिगाड़ने के लिए सोची समझी साजिश के तहत बुल्डोजर चला रहा है।
नेकां के उपाध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान सरकार उनकी पार्टी के संस्थापक दिवंगत शेख अब्दुल्ला द्वारा शुरू की गई भूमि सुधारों की नीति की हमेशा खिलाफ रही है। अब्दुल्ला ने कहा, अतिक्रमण विरोधी अभियान उस दिशा में एक कदम हो सकता है।

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