गौरवशाली भारत

देश की उम्मीद ‎‎‎ ‎‎ ‎‎ ‎‎ ‎‎

संसद में अडानी का नाम नहीं लेने देती मोदी सरकार

नई दिल्ली : मल्लिकार्जुन खड़गे ने शुक्रवार को अडानी मामले में सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि मोदी सरकार संसद में अडानी का नाम ही नहीं लेने देती जिससे स्पष्ट है कि वह इस प्रकरण में जांच के नाम पर आंखें मूंदे हुए है।
खड़गे ने अपने ट्वीट में केंद्र की मोदी सरकार से 10 सवालों की फेहरिस्त जारी की और कहा कि देश इनका जवाब चाहता है।
उन्होंने अपने सवालों के क्रम में पूछा कि अडानी की कंपनियों में एलआईसी के लगे पैसे के गिरते मूल्यों और एसबीआई तथा दूसरे बैंको द्वारा दिये गये 82 हजार करोड़ के लोन के प्रकरण की क्या जांच नहीं करायी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि क्या यह नहीं पूछा जाना चाहिए कि अडानी के शेयरों में 32 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट के बावजूद एलआईसी और एसबीआई का 525 करोड़ रूपया अडानी के एफपीओ क्यों लगवाया गया तथा इनके शेयरों की कीमत शेयर बाजार में एक लाख करोड़ से ज्यादा क्यों गिर गयी।
उन्होंने कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि टैक्स हैवन्स से अडानी की कंपनियों में आने वाला हजारों करोड़ रुपया किसका है तथा मोदी ने श्रीलंका एवं बंगलादेश के अलावा और किन-किन देशों में अडानी को ठेके दिलवाए। उन्होंने कहा कि सरकार को फ्रांस की टोटल गैस द्वारा अडानी की कंपनी में होने वाले 50 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश को जाँच पूरी होने तक रोक दिये जाने के मामले की सच्चाई बतानी चाहिए।
कांग्रेस अध्यक्ष ने दुनिया के सबसे बड़े शेयर इन्वेस्टर एनएसएफ द्वारा अडानी के करोड़ों अमेरिकी डॉलर के सारे शेयर बेच देने तथा एमएससीआई की ओर से अडानी की कंपनियों की रैंकिंग का अवमूल्यन किये जाने जैसे मामलों पर सवाल खड़े किये। उन्हेंने कहा कि क्या वजह है कि आरबीआई , सेबी, एसएफआईओ , कारपोरेट मामलों के मंत्रालय आयकर विभाग और केंद्रीय जांच ब्यूरो ने अडानी मामले की जांच को लेकर चुप्पी अख्तियार कर रखी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *