नई दिल्ली : तीरथ सिंह रावत ने जोशी मठ क्षेत्र में दरारों को लेकर भय पैदा करने से बचने की जरूरत पर बल देते हुए सोमवार को लोक सभा में कहा कि भय का वातावरण बनाने से क्षेत्र में आगामी तीर्थाटन के मौसम में वहां कारोबार प्रभावित होगा।
सदन में में शून्य काल में उत्तराखंड के चमोली जिले के जोशीमठ में मकानों, भवनों और होटलों में दरार होने का मामला उठाते हुए कहा कि वहां हालात सामान्य हो रहे हैं और बाजार आदि खुल रहे हैं।
रावत ने कहा कि जल्द ही केदारनाथ के कपाट खुलने वाले हैं, ऐसे में वहां हालात खतरनाक बताये जाने से तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के आगमन पर बुरा असर पड़ेगा। इससे पर्यटन पर निर्भर लोगों की जीविका प्रभावित होगी।
उन्होंने कहा कि कुछ दिनों पूर्व वहां मकानों में दरारें आयी थीं और पानी का रिसाव हुआ था। कुछ मकान ध्वस्त भी हुए थे लेकिन स्थान अभी भी सुरक्षित है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देश पर केन्द्र और उत्तराखंड सरकार जोशीमठ में राहत एवं बचाव कार्य संचालित करवा रही है। वहां बाजार आदि खुल रहे हैं, घबराने की जरूरत नहीं है।
उन्होंने कहा कि मीडिया में कुछ ऐसी भी खबरें आयीं थी कि स्थान असुरक्षित है, जो सही नहीं है। वहां के बारे में भय का वातावरण बनने से पर्यटक वहां जाने में संकोच करेंगे जिससे पर्यटन से जीविका चलाने वालों की रोजी-रोटी पर विपरीत असर पड़ेगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि जोशीमठ के लिए एक मास्टर प्लान तैयार किया जाए जिससे ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) कुंवर दानिश अली ने कहा कि उनके निर्वाचन क्षेत्र अमरोहा में बिजली आपूर्ति की गंभीर समस्या है। उन्होंने टूटे तारों और पुराने ट्रांसफार्मरों को बदलने की मांग करते हुए कहा कि बिजली आपूर्ति में बार-बार बाधा पड़ने किसानों सहित सभी नागरिकों को बड़ी दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है।
दानिश अली ने किसानों को सिंचाई के लिए ट्यूबवेलों की खातिर विद्युत कनेक्शन लेने में आ रही कठिनाइयों का भी जिक्र किया और कहा कि उनकी दिक्कतें प्राथमिकता के आधार पर दूर की जानी चाहिए।
कांग्रेस के रवनीत सिंह ने आंगनवाडी की सेविकओं का मानदेय बढ़ाने मांग करते हुए कहा कि वे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को लेकर दी गयी सभी जिम्मेदारियों का पूरे मनोयोग से निर्वहन करती हैं। कोरोना काल में भी आंगनवाडी सेविकओं ने अपने कार्य बखूबी निपटाये थे।
सिंह ने कहा कि वर्ष 2018 से आंगनवाडी सेविकओं का मानदेय नहीं बढ़ाया गया है। तब से अब तक महंगाई बहुत बढ़ गयी है, जिससे उन्हें बड़ी दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है।
भाजपा के रतनलाल कटारिया ने सरस्वती नदी को फिर प्रवाहमान करने के लिए हरसंभव उपाय करने की मांग करते हुए कहा कि इसके उद्गम स्थल कुरुक्षेत्र आदिबद्री में नदी को फिर से प्रवाहित करने की कोशिश की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कुरुक्षेत्र में गीता सम्मेलन के दौरान कहा था कि सरस्वती नदी को पुन: प्रवाहित करने के प्रयास किये जाने चाहिए। वह सरकार से निवेदन करते हैं कि कम से कम 100 करोड़ रुपये सरस्वती के पुन: प्रवाह करने की योजना के लिए दिये जाएं जिससे इस कार्य में तेजी लायी जा सके।
भाजपा के जगदम्बिका पाल ने भगवान बुद्ध की जन्म स्थली कपिलवस्तु में बुद्ध कन्वेन्शन सेंटर स्थापित करने की मांग करते हुए कहा कि इससे वहां विभिन्न देशों से आने वाले बौद्ध धर्मावलंबी गोष्ठी, सम्मेलन आदि कर सकेंगे। इस केन्द्र में महोत्सव और अन्य कार्यक्रम भी हो सकेंगे। इससे बौद्ध सर्किट में पर्यटकों की वृद्धि भी होगी। वहां पहले ही लाखों लोग आते हैं जिनमें और इजाफा होगा।
भाजपा के अरुण साव ने छत्तीसगढ़ में पिछले एक महीने में चार भाजपा पदाधिकारियों-कार्यकर्ताओं की हत्या का मामला उठाते हुए कहा कि राज्य की कांग्रेस सरकार भाजपा कार्यकर्ताओं की सुरक्षा कर पाने में असफल रही है। वहां लोकतंत्र की हत्या की जा रही है। उन्होंने केन्द्र सरकार से मांग की कि वह भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित कराये और हत्या की इन चारों घटनाओं की निष्पक्ष जांच करवाई जाए।
जोशीमठ में अब खतरे की बात नहीं
