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बाजार में रहेगा उतार-चढ़ाव

मुंबई। वैश्विक बाजार के कमजोर रुझान के बावजूद स्थानीय स्तर पर हुई लिवाली की बदौलत बीते सप्ताह आधी फीसदी की तेजी में रहे घरेलू शेयर बाजार में अगले सप्ताह वैश्विक रुख और मासिक वायदा सौदा निपटान से उतार-चढ़ाव रहेगा। बीते सप्ताह बीएसई का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 262.3 अंक अर्थात 0.43 प्रतिशत की तेजी लेकर सप्ताहांत पर 61 हजार अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर के पार 61002.57 अंक पर टिकने में सफल रहा। हालांकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 87.7 अंक यानी 0.5 प्रतिशत की बढ़त लेकर भी सप्ताहांत पर 18 हजार के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे 17944.20 अंक पर रहा। वहीं, समीक्षाधीन सप्ताह में बीएसई की मझौली और छोटी कंपनियों में बिकवाली की दबाव रहा। सप्ताहांत पर मिडकैप 205.17 अंक उतरकर 24685.27 अंक और स्मॉलकैप 216.65 अंक टूटकर 28046.40 अंक पर आ गया। विश्लेषकों के अनुसार, बीते सप्ताह भी बाजार सीमित दायरे में ही रहा। हालांकि, निफ्टी ने इस सीमा से बाहर निकलने की कोशिश की लेकिन सप्ताह के अंत में वह वापस 18 हजार अंक से नीचे आ गया। वर्तमान में अमेरिका में जारी रोजगार का मजबूत आंकड़ा, उच्च अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और अल्पावधि में इक्विटी निवेशकों की निवेश धारणा का मार्गदर्शन करने वाले डॉलर इंडेक्स के साथ वैश्विक संकेत थोड़े अस्थिर हैं। वैश्विक रुझान और फरवरी का वायदा सौदा निपटान के कारण अगले सप्ताह बाजार में उतार-चढ़ाव हो सकता है। वहीं, एफआईआई ने पिछले कुछ दिनों में खरीददारी में कुछ दिलचस्पी दिखाई है, लेकिन पिछले सप्ताह कुछ ब्लॉक लिवाली हुई थी इसलिए उनका निवेश प्रवाह बाजार के महत्वपूर्ण होगा। इसके साथ की रूस और यूक्रेन के हालात पर भी बाजार की नजर रहेगी।

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