कल खुलेंगे दोनों प्लांट
शिमला : हिमाचल प्रदेश में अदानी समूह व ट्रांसपोर्टरों के बीच चल रहा सीमेंट विवाद खत्म हो गया है। सरकार की मध्यस्थता के बाद सोमवार को सीमेंट विवाद पर विराम लग गया। कोई 68 दिनों के गतिरोध के बाद अडानी समूह और ट्रक ऑपरेटरों के साथ मुख्यमंत्री की बैठक के बाद विवाद सुलझ गया है। मंगलवार से दाड़लाघाट और बरमाणा दोनों सीमेंट प्लांट में काम शुरू हो जाएगा।
सीमेंट विवाद सुलझने के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि उनके मुख्यमंत्री बनने के पांच दिन बाद ही दाडलाघाट व बरमाणा दोनों सीमेंट कंपनियां बंद कर दी गई थीं। सरकार ने दोनों पक्षों को सुना, क्योंकि यह हिमाचल प्रदेश के ट्रांसपोर्टरों सहित कई लोगों का रोजी रोटी का सवाल था। इन सभी चीजों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने अडानी समूह और ट्रांसपोर्टरों के बीच के मसले को सुलझा लिया है। कल से अब यह प्लांट शुरू हो जाएंगे।
उन्होंने बताया कि छह टायर वाले ट्रक का रेट 10 रुपये 30 पैसे प्रति किलोमीटर,प्रति क्विंटल, जबकि 12 टायर वाले ट्रक के लिए नौ रुपये 30 पैसे प्रति किलोमीटर, प्रति क्विंटल किराया तय किया गया हैं। अन्य जो भी मसले हैं वह संबंधित उपायुक्त (डीसी) सुलझाएंगे।
दाडलाघाट ट्रांसपोर्ट यूनियन के अध्यक्ष रामकृष्ण शर्मा का कहना है कि सरकार की मध्यस्थता के बाद मसला सुलझा है। उनकी सारी मांगे अभी नहीं मानी गई हैं। ट्रांसपोर्टरों के बहुत सारे मसले अभी भी कंपनी के साथ लंबित पड़े हैं। ऐसे में उन्हें उम्मीद है कि कंपनी हिमाचल व ट्रांसपोर्ट के हितों का ध्यान रख काम करेगी। उन्होंने बताया की कंपनी ने ये भी माना है कि इसमें ट्रक के फेरे भी ज्यादा मिलेंगे। विवाद से पहले ये दाम 10 रुपये 58 पैसे मिलते थे।
उल्लेखनीय है कि 14 दिसंबर को अडानी समूह ने घाटे का हवाला देते हुए बरमाणा स्थित एसीसी और दाड़लाघाट में अंबुजा सीमेंट प्लांट में तत्काल प्रभाव से सभी गतिविधियां बंद कर दीं। बरमाणा स्थित प्लांट हेड ने नोटिस जारी कर सभी कर्मचारियों को ड्यूटी पर आने से इनकार कर दिया।
इस फैसले से बरमाणा में काम करने वाले 980 कर्मचारियों और करीब 3,800 ट्रक ऑपरेटरों पर रोजगार का संकट खड़ा हो गया। बरमाणा करीब 2,300 ट्रक बीडीटीएस और 1,500 ट्रक पूर्व सैनिकों के सीमेंट ढुलाई करते हैं।
दूसरी ओर दाड़लाघाट में 3500 से अधिक ट्रांसपोर्टर सड़कों पर आ गए। एसीसी सीमेंट प्लांट बरमाणा में काम बंद होने से 10,000 परिवारों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया। इसके विरोध में 16 दिसंबर को ट्रक ऑपरेटरों ने आंदोलन शुरू कर दिया। दाड़लाघाट और बरमाणा के ट्रक ऑपरेटरों ने पैदल मार्च निकाला और प्रदर्शन किए। सरकार ने बिना पूर्व सूचना सीमेंट प्लांट बंद करने पर कंपनी प्रबंधन को नोटिस भी जारी किए।
गौरतलब है कि 68 दिन के बाद दाड़लाघाट और बरमाणा ट्रक मालिकों और कंपनी प्रबंधन के बीच मालभाड़े को लेकर सहमति बनी है। इससे पहले भी कई दौर की वार्ता सीएम की अध्यक्षता में ट्रक मालिकों और कंपनी प्रबंधकों के बीच हुई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। अब कई दौर की वार्ता के बाद सरकार की मध्यस्थता में ट्रक ऑपरेटर व अदाणी समूह मालभाड़े पर एकमत हुए हैं। प्लांट बंद होने से सरकार को हर दिन करीब दो करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा था।
