नई दिल्ली : नरेश कुमार ने दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना को आज दिए एक ज्ञापन में यमुना नदी की सफाई के लिए आवंटित धनराशि के दुरुपयोग की सी बी आई जांच की मांग करते हुए कहा कि अगर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मंशा वाकई सही होती तो अब तक यमुना नदी प्रदूषण मुक्त हो गई होती।
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ कुमार ने आज यहां मीडिया में जारी एक बयान में कहा कि सूचना के अधिकार (आरटीआई) कानून के तहत प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2013 से 23 अगस्त 2021 तक यमुना नदी की सफाई पर 653.86 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं लेकिन अभी तक एक भी सीवरेज शोधन संयंत्र नहीं बनाया गया है जो यमुना नदी में नालों के गंदे पानी को गिरने से पहले शोधित कर सके।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एन जी टी) ने कुछ दिन पहले दिल्ली सरकार पर 6100 करोड़ रुपए का जुर्माना इसलिए लगाया है कि यमुना नदी में गंदे नालों का पानी गिरने से वह और भी प्रदूषित हो रही थी। इससे पहले भी अक्टूबर 2022 में एनजीटी ने दिल्ली सरकार पर 900 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया था जो श्री केजरीवाल की अक्षमता को साबित करता है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री झूठ बोलने में माहिर हैं और 2015 के चुनावी घोषणा पत्र में उन्होंने कहा था कि यमुना नदी को लंदन की टेम्स नदी की तरह साफ़ कराएंगे, लेकिन अभी भी यमुना नदी एक गंदे नाले के अलावा कुछ नहीं है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि दिल्ली की जनता यह जानना चाहती है कि क्या वाकई इस धनराशि का इस्तेमाल यमुना नदी की सफाई में हुआ है और वह दिखाई भी देना चाहिए।
