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साइबर बुलिंग विधायिका के लिए चुनौती

गंगटोक : राज्य सभा के उपसभापति हरिवंश ने आज कहा कि साइबर बुलिंग और नशीली दवाओं का दुरुपयोग विधायिकाओं के लिए चिंता का प्रमुख विषय होना चाहिए।
हरिवंश ने गुरुवार को सिक्किम की राजधानी गंगटोक में दो दिवसीय राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (सीपीए) मंडल- 3 सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि इस सम्मेलन का महत्त्व और अधिक बढ़ जाता है क्योंकि भारत जी- 20 शिखर सम्मेलन का मेज़बान है और सिक्किम वर्ष भर चलने वाले आयोजन के दौरान दो बैठकों की मेज़बानी करने वाला है।
उन्होंने कहा कि तेजी से बदलते प्रौद्योगिकी के युग में, विधायिकाएं अधिक पारदर्शी होने और नागरिकों के साथ जुड़ने के लिए इसके लाभों का उपयोग कर सकती हैं। सम्मेलन में तीन विषयों विधायिकाओं को लोगों के लिए अधिक सुलभ बनाना, नशीली दवाओं के दुरुपयोग की समस्या और साइबर बुलिंग पर चर्चा होगी।
उन्होंने कहा कि विधायिका के लिए साइबर बुलिंग बड़ी चुनौती है। इसके अलावा नशीली दवाओं के दुरुपयोग भी चिंता का विषय है। विधायिका को इन दोनों विषयों पर गंभीर चिंतन मनन करना चाहिए।
उन्होंने इस क्षेत्र में पीठासीन अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की। उत्तर-पूर्व में पीठासीन अधिकारियों की इस तरह की यह तीसरी बैठक है। सीपीए मंडल -3 की यह 18वीं बैठक है। सिक्किम ने इससे पहले 2001 और 2006 में सम्मेलन की मेज़बानी की थी।
उपसभापति ने कहा, “तीनों विषयों का युवाओं से संबंधित मुद्दों से सीधा संबंध है, और आज हमारा ज़ोर भविष्य के लिए हमारी विकासात्मक नीतियों में युवाओं को मुख्यधारा पर लाना है।”

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