गोरखपुर : दिनेश शर्मा ने शनिवार को कहा कि मारवाडी समाज के लोगों ने अपने व्यवसाय को आगे बढाकर देश की अर्थव्यवस्था में योगदान देने के साथ समाज सेवा के क्षेत्र में भी अतुलनीय कार्य किए है। मारवाडी समाज के प्रान्तीय अधिवेशन को सम्बेधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश पर आक्रान्ताओं के आक्रमण के समय में मारवाडी समाज ने तलवार उठाकर उनका भी सामना किया था। अंग्रेजों से आजादी दिलाने के लिए कांग्रेस द्वारा किए गए आन्दोलन को आर्थिक सहयोग भी यही समाज देता था। इन लोगों ने मेहनत और लगन समाज में विशेष स्थान बनाया है।
आभाव में प्रभाव डालने वाले मारवाडी समुदाय के लोगों को अपने स्वभाव व व्यवहार में परिवर्तन करने की जरूरत नहीं है। मारवाडी समाज की विशेषता है कि वह अपनी परम्पराओं को जीवित रखने के लिए लगातार प्रयत्नशील है। उन्होने कहा कि लोकतंत्र की विशेषता है कि चुनाव में जो भी चुना जाता है अन्य सभी उसे सहयोग करते हैं। आज मारवाडी संघ के चुनाव में भी आशा है कि वैसा ही होगा।
शर्मा ने कहा कि इस समाज का इतिहास काफी पुराना है। गणेश्वरी सभ्यता में व्यवसाय को बढाने वाले लोग मारवाडी कहलाए थे। पाली, शेखावटी तथा उसके आसपास के क्षेत्रों से राजस्थान में मारवाड आरंभ होता है और वहां की भाषा माडू है। इस भाषा को बोलने वाले मारवाडी कहलाए थे।
