नई दिल्ली : दिल्ली सरकार की शराब नीति में भारी अनियमितओं और उसमें कथित भ्रष्टाचार के मामले का उल्लेख करते हुए आरटीआई कार्यकर्ताओं , सामाजिक और मानवाधिकर संगठनों के एक समूह ने राष्ट्रपति को एक ज्ञापन भेज कर केजरीवाल सरकार को हटा कर नए सिरे से चुनाव कराने की मांग की है।
इस गठबंधन- नेशनल ग्रैंड एलायंस (एनजीए) के मुख्य संयोजक एवं ऑल इंडिया ह्यूमन राइट्स एसोसिएशन के प्रमुख डॉ. एमयू दुआ तथा गठबंधन के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं आरटीआई कार्यकर्ता गोपाल प्रसाद द्वारा दिल्ली के उपराज्यपाल के जरिए भेजे गए इस ज्ञापन में कहा गया है कि दिल्ली सरकार की ‘कथनी एवं करनी में व्यापक अंतर है।’ भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन से निकली आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार ‘हाथी के दांत दिखाने के और, खाने के और’ वाली कहावत को चरितार्थ करती है, इसलिए इसको तत्काल बर्खास्त कर पुन:मतदान कराया जाए।
ज्ञापन में कहा गया है कि जनता विरोध के बावजूद लायी गयी दिल्ली सरकार की नयी शराब नीति से राजधानी में नशाखोरी और घरेलू हिंसा में वृद्धि हुई।
ज्ञापन में कहा गया है, “दिल्ली के उपमुख्यमंत्री एवं आबकारी मंत्री मनीष सिसोदिया दिल्ली की नई शराब नीति में परिवर्तन करके 150 करोड़ से भी अधिक के सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने के संदर्भ में घोटाले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की सिफारिश पिछले दिनों दिल्ली के उपराज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल वी.के. सक्सेना द्वारा की गई थी।”
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि विशेष सीबीआई अदालत को सारे सुबूत और दस्तावेज देखने के बाद ऐसा लगा है कि प्रथम दृष्टया कहीं न कहीं घोटाला हुआ, तभी उसने रिमांड की अर्जी मंजूर की है और श्री सिसोदिया पांच दिन की सीबीआई की रिमांड में रहेंगे।
‘दिल्ली की आप सरकार को हटा कर नए चुनाव कराने की मांग’
