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आस्था का सम्मान लेकिन अराजकता नहीं होगी बर्दाश्त

लखनऊ : योगी आदित्यनाथ ने त्योहारों को शांतिपूर्ण तरीके से मनाये जाने की अपील करते हुये कहा कि सरकार सभी धर्मो की आस्था का सम्मान करती है मगर त्योहारों की आड़ में अराजकता का प्रयास कतई बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।
योगी ने गुरूवार को वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिये होली, चैत्र नवरात्र, रामनवमी शब-ए-बारात, रमजान, नवरोज़ आदि पर्व-त्योहारों के शांतिपूर्ण आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होने अधिकारियों को निर्देश दिये कि शोभायात्रा अथवा जुलूस में ऐसी कोई भी गतिविधि न हो जो दूसरे सम्प्रदाय के लोगों को उत्तेजित करे। जुलूस के दौरान अश्लील और फूहड़ गीत नहीं बजाये जाने चाहिये।
अधिकारियों को चेताते हुये उन्होने कहा कि वे किसी भी घटना को हल्के में लेने की भूल नही करें और तत्काल मौके पर पहुंचें। उन्होने पर्व-त्योहारों पर किसी भी अफवाह से बचने की अपील करते हुये कहा कि प्रशासनिक अधिकारी धर्मगुरुओं, प्रबुद्धजन से संवाद कर त्योहारों के लिये सौहाद्रपूर्ण वातावरण तैयार करें। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाए और फुट पेट्रोलिंग में इजाफा हो।
योगी ने कहा कि अगले कुछ दिनों में होलिकोत्सव, शब-ए-बारात, रमजान, नवरोज़, चैत्र नवरात्र, राम नवमी आदि महत्वपूर्ण पर्व-त्योहार मनाए जाएंगे। अनेक स्थानों पर शोभायात्राओं का आयोजन होगा, मेले आदि लगेंगे। उल्लास और उमंग के इस विशेष पर्व कानून-व्यवस्था के दृष्टिगत यह समय संवेदनशील है। इसलिये हमें सावधान रहना होगा। विगत छह वर्षों में प्रदेश में सभी धर्म-सम्प्रदाय के पर्व-त्योहारों के आयोजन शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में हुए हैं। इस क्रम को आगे भी बनाये रखना होगा।
उन्होने कहा कि पर्व-त्योहार में शासन द्वारा सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। धार्मिक परंपरा/आस्था को सम्मान दें, लेकिन अराजकता स्वीकार नहीं की जाएगी। आयोजकों को अनुमति देने से पूर्व उनसे शांति और सौहार्द सुनिश्चित करने के सम्बंध में शपथ पत्र लिया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी पर्व शांति और सौहार्द के बीच सम्पन्न हों, इसके लिए स्थानीय जरूरतों को देखते हुए सभी जरूरी प्रयास किए जाएं। शरारतपूर्ण बयान जारी करने वालों के साथ जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ कड़ाई से पेश आएं। माहौल खराब करने की कोशिश करने वाले अराजक तत्वों के साथ जीरो टॉलरेंस की नीति के अनुसार पूरी कठोरता की जाए।
योगी ने कहा कि होली के मौके पर शरारती तत्व दूसरे सम्प्रदाय के लोगों को अनावश्यक उत्तेजित करने की कुत्सित कोशिश कर सकते हैं, ऐसे मामलों पर नजर रखें। संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित करते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाए। पुलिस बल फुट पेट्रोलिंग जरूर करे। पीआरवी 112 एक्टिव रहे। सोशल मीडिया को लेकर अलर्ट रहें।
उन्होने कहा कि शोभायात्रा/जुलूस में ऐसी कोई भी गतिविधि न हो जो दूसरे सम्प्रदाय के लोगों को उत्तेजित करे। अश्लील/फूहड़ गीत कतई न बजें। धर्मस्थलों पर रंग न डाले जाएं। थाना, सर्किल, जिला, रेंज, जोन, मंडल स्तर पर तैनात वरिष्ठ अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र के धर्मगुरुओं, समाज के अन्य प्रतिष्ठित जनों के साथ संवाद बनाएं। लोगों के लिए सकारात्मक संदेश जारी कराएं। पीस कमेटी की बैठक कर लें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि त्वरित कार्यवाही और संवाद-संपर्क अप्रिय घटनाओं को संभालने में सहायक होती है। ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना की सूचना पर बिना विलंब किए, जिलाधिकारी/पुलिस कप्तान बिना विलंब किए तत्काल खुद मौके पर पहुंचे। संवेदनशील प्रकरणों में वरिष्ठ अधिकारी लीड करें। सेक्टर स्कीम लागू करें।
उन्होने कहा कि छोटी सी अफवाह माहौल को बिगाड़ सकती है। ऐसे में पुलिस प्रशासन को अलर्ट रहना होगा। गोवंश की तस्करी और अन्य संबंधित अपराध से जुड़े संदिग्ध लोगों पर नजर रखें।

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