अमृतसर : राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के सलाहकार एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता प्रो. सरचंद सिंह ख्याला ने शुक्रवार को पंजाब की ‘आप’ सरकार को आबकारी नीति की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) जांच कराने की चुनौती दी है।
प्रो. ख्याला ने कहा कि दिल्ली शराब घोटाले में मनीष सिसोदिया के इस्तीफे के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को दिल्ली सरकार के प्रमुख के पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है, इसलिए उन्हें अपने सभी पदों से इस्तीफा दे देना चाहिए। पंजाब सरकार की शराब नीति के खिलाफ जिला उपायुक्त को मांगपत्र देने में भाजपा के प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने पहुंचे प्रो. सरचंद सिंह ने सीबीआई से कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री के तौर पर श्री केजरीवाल इन सबके लिए जिम्मेदार हैं, इसलिए उन पर कथित ‘घोटाले’ के मुख्य सरगना के तौर पर पकड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुख्ता सबूतों के तहत श्री सिसोदिया की गिरफ्तारी के बाद जिस तरह शराब घोटाले की परतें खुल रही हैं, पंजाब की आबकारी नीति भी दिल्ली की तर्ज पर है, ऐसे में सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को यहां के हालात पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है। क्योंकि पंजाब में ये घोटाला दिल्ली से भी बड़ा हो सकता है।
भाजपा नेता ने कहा कि सिसोदिया द्वारा दिल्ली में बड़े ही गुप्त तरीके से बनाई गई साजिशी शराब नीति से थोक व्यापारियों ने 12 प्रतिशत का भारी मुनाफा कमाया, जिसमें से आधा कमीशन नकद के रूप में ‘आप’ के पास आता था, लेकिन पंजाब में इस तरह के 12 फीसदी कमीशन का 10 फीसदी ‘आप’ के खाते में जाने की चर्चा जोरों पर है। जिसकी सच्चाई का पता लगाने के लिए बारीकी से जांच करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल के मंत्री ‘निर्दोष’ नहीं हैं, जिसके चलते सुप्रीम कोर्ट ने भी उन्हें कोई राहत नहीं दी, फिर भी केजरीवाल का अपनों को ‘निर्दोष’ होने का भ्रामक प्रचार कर अदालत और संविधान की तौहीन कर रहा है।
सिंह ने आम आदमी पार्टी और केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि यह विडम्बना है कि भारतीय राजनीति से भ्रष्टाचार के खात्मे के नाम पर अन्ना हज़ारे आंदोलन की कोख से पैदा हुई पार्टी के बारे में किसी ने सोचा भी नहीं होगा के बहुत जल्द ऐसा होगा और एक के बाद एक भ्रष्टाचार के मामलों में जेल जाएंगे। उन्होने कहा कि एक-एक कर जिनके भ्रष्टाचारी चेहरे बेनकाब हो रहे हैं, उन्हें शहीद भगत सिंह और डॉ. बीआर अंबेडकर के उत्तराधिकारी कहलाने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल भले ही सिसोदिया की गिरफ्तारी को ‘राजनीतिक दबाव’ बता रहे हों या भावनात्मक बयानबाजी और दिल्ली में शिक्षा क्षेत्र में क्रांति लाने के झूठे दावों से लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हों, लेकिन उनका विक्टिम कार्ड अब काम नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि पंजाब की नई नीति से नाखुश कई शराब कारोबारियों ने राज्य सरकार पर बड़े खिलाड़ियों के पक्ष में नीति बनाकर शराब कारोबार पर एकाधिकार करने की कोशिश और शराब कारोबार पर नियंत्रण रखने वाले दिली के दो शराब कारोबारियों को पंजाब में भी कथित तौर पर ठेके देने के आरोप लगाये हैं। सिसोदिया की गिरफ्तारी के बाद राज्य सरकार द्वारा अपनी वेबसाइट पर अपलोड किए गए लाइसेंस नवीनीकरण फॉर्म को हटाने से भी घोटाले के संदेह को बल मिलता है।
पंजाब सरकार आबकारी नीति की सीबीआई जांच करवाए
