मुंबई : महाराष्ट्र के महाधिवक्ता डॉ बीरेंद्र सराफ ने सोमवार को बंबई उच्च न्यायालय को सूचित किया कि राज्य सरकार ट्रांसजेंडरों को सरकारी नौकरी और शिक्षा देने के लिए एक सप्ताह के अंदर आदेश जारी करेगी।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एसवी गंगापुरवाला और न्यायमूर्ति संदीप मार्ने की पीठ के समक्ष डाॅ सराफ ने बताया कि ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) नियम, 2019 के अंतर्गत एक समिति का गठन किया जाएगा और कांस्टेबल और ड्राइवर जैसे कुछ पदों पर ट्रांसजेंडरों के लिए शारीरिक मानकों को शामिल करते हुए पुलिस भर्ती नियमों में संशोधन किया जाएगा।
विनायक काशिद नामक एक व्यक्ति ने याचिका दायर किया था, जिसमें महाट्रांसो के 170 रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया में संशोधन की मांग की गई थी क्योंकि उसमें ट्रांसजेंडर लोगों के लिए आरक्षण के बारे में जानकारी नहीं दी गई थी। उस याचिका के जवाब में महाधिवक्ता ने उच्च न्यायालय में यह जानकारी दी।
काशिद ने पिछले वर्ष एक याचिका दायर कर 2014 में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का अनुपालन करने हुए सरकारी नौकरियों में ट्रांसजेंडरों को शामिल करने के लिए नीति बनाने और उसे लागू करने की मांग की थी।
महाराष्ट्र में ट्रांसजेंडरों को नौकरी मिलेगी
