गांधीनगर : आचार्य देवव्रत ने मंगलवार को कहा कि युवा पीढ़ी का निर्माण ही राष्ट्र का निर्माण है। देवव्रत ने आज राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के युवा स्वयंसेवकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी का निर्माण ही राष्ट्र का निर्माण है। एनएसएस के युवा स्वयंसेवक अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा बनें। गुजरात की 62 युनिवर्सिटियों से संलग्न कॉलेजों और जिलों की उच्चतर माध्यमिक शालाओं के दो लाख से ज्यादा स्वयंसेवक राष्ट्रीय सेवा योजना-एनएसएस के अंतर्गत शिक्षण के साथ साथ समाज सेवा भी कर रहे हैं।
गुजरात के 10 युवा स्वयंसेवक नयी दिल्ली में गणतंत्र दिवस और एक माह के शिविर के लिए चयनित हुए थे। इन युवा स्वयंसेवकों ने आज श्री देवव्रत से मुलाकात की। राज्यपाल ने इन सभी स्वयंसेवकों के साथ ही उनके माता-पिता और गुरुजनों को भी शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि शिक्षण के साथ साथ विद्यार्थियों में समाज सेवा करने का गुण विकसित हो, यह अत्यंत आवश्यक है। एन.एस.एस. के स्वयंसेवकों से इस वर्ष पानी बचाने का अनुरोध करते हुए उन्होंने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग जैसी विकट समस्या के सामने पर्यावरण सुरक्षा के लिए विशेष अभियान की जरुरत है।
राज्यपाल ने ग्रामीण क्षेत्रों में तालाब- सरोवर के चारों ओर वृक्षारोपण करने का भी आह्वान करते हुए कहा कि युवा अपने खान- पान में स्वास्थ्य का विशेष खयाल रखें और फास्टफूड तथा व्यसनों से भी दूर रहें। इस मुलाकात के दौरान उच्च शिक्षा कमिश्नर पी.बी. पंड्या, संयुक्त कमिश्नर नारायण भाई माधु, राज्य एनएसएस अधिकारी आर.आर. पटेल, डायरेक्टर गिरधर उपाध्याय, चेतनभाई पटेल, देवांग पंड्या, श्रीमती रीटाबेन डि’सोज़ा एव अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
युवा पीढ़ी का निर्माण ही राष्ट्र का निर्माण
