उदयपुर : राजस्थान में शांति एवं अहिंसा विभाग के निदेशक मनीष शर्मा ने कहा है कि जिस घर में शांति रहती है वह घर तरक्की करता है, लिहाजा देश-प्रदेश में शांति का माहौल कायम रहना चाहिए जिससे कि हम निरंतर प्रगति करते रहें। शर्मा आज से यहां शुरू हुए दो दिवसीय राष्ट्र स्तरीय कौमी एकता कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि आग लगाना बहुत आसान है, आग एक माचिस की तीली से भी लगाई जा सकती है, लेकिन उस आग को शांत करने के लिए कई लोगों को सामूहिक प्रयास करने पड़ते हैं, इसी प्रकार आज हमें भी भाईचारे को प्रोत्साहित करने के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे।
उन्होंने कहा कि गांधी दर्शन को नई पीढ़ी तक पहुँचने के लिए राज्य सरकार के प्रयास सराहनीय है और हमारा कर्तव्य है कि हम गांधी दर्शन को गाँव-गाँव तक लेकर जाएं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से हमने कभी कुछ नहीं मांगा लेकिन फिर भी उन्होंने आगे बढ़ कर शांति एवं अहिंसा प्रकोष्ठ और फिर निदेशालय एवं विभाग की स्थापना की जिसके लिए सीएम का जितना भी आभार व्यक्त किया जाए कम है।
कार्यक्रम में गांधी विचारक कुमार प्रशांत ने कहा कि राज्य में शांति एवं अहिंसा विभाग का गठन कोई आम बात नहीं है, इस विषय की गंभीरता को हमें समझना होगा। जिस उद्देश्य से इस विभाग की स्थापना हुई है उन उद्देश्यों को पूरा करने के लिए पूरी सक्रियता के साथ फील्ड में काम करना होगा।
उन्होंने कहा कि भारत विश्व का इकलौता देश है जहां हर जाति-मजहब के लोग निवास करते हैं और भाईचारे के साथ जीवन यापन करते हैं। उन्होंने कहा कि हमें ऐसी ताकतों को रोकना होगा जो सांप्रदायिक सौहार्द खराब करने का प्रयास करती है।
कार्यक्रम को महात्मा गांधी जीवन दर्शन समिति के जिला संयोजक पंकज शर्मा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में आल इंडिया पीरा मिशन के अध्यक्ष तथा हमारी पंजाबी बिरादरी में कौमी एकता के प्रमुख अध्यक्ष दया सिंह, कश्मीर से कौमी एकता की प्रमुख आवाज एसपी वर्मा, गांधी ग्लोबल फैमिली के प्रमुख एसपी वर्मा, शहीदे आजम भगत सिंह के भांजे प्रो. जगमोहन सिंह, नागरिकता आंदोलन से जुड़े प्राध्यापक आरिश खुदाई खिदमतगार, आरिश मोहम्मद फैजान, गोरखपुर से सम्पूर्ण क्रांति आंदोलन प्रमुख विजय सिन्हा, गांधी विचारक माइकल मार्टिन गुजरात, फैजल खान खिदमतगार, अब्दुल हमीद कश्मीर, कलानंद मणि गोवा सहित अन्य गांधी विचारकों ने देश में कौमी एकता को बढ़ावा देने को लेकर व्याख्यान में अपने विचार प्रस्तुत किए।
