अर्थव्यवस्था सुधारने पर जोर
चंडीगढ़ : पंजाब सरकार ने वर्ष 2023-24 के लिये पेश किये गये बजट में राज्य की जनता पर कोई नया कर थोपने के बजाए इसे जनकल्याणकारी योजनाओं और राज्य की वित्तीय स्थिति सुधारने पर केंद्रित किया है।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने विधानसभा में राज्य का 1,96,462 करोड़ रुपये का बजट पेश करते हुये कहा कि इस बार का बजट गत वर्ष के बजट से 26 फीसदी ज्यादा है। चालू वित्त वर्ष 2022-23 का बजट 1,55,860 करोड़ रुपये का था। बजट में हालांकि न तो कोई नया कर लगाया गया और न ही जनता को कोई रियायत दी गई है। अपने बजट भाषण में उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये देने समेत चुनाव में जनता से किए गए सभी वादे पूरी करेगी। राज्य की माली हालत सुधारने के लिये हरसम्भव प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार को विरासत में कर्जा मिला लेकिन फिर भी सरकार पंजाब को विकास की राह पर आगे ले जाएगी।
बजट भाषण के दौरान मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने बजट को खोखला और महज आंकड़ों का खेल बताते हुये की और सदन से बहिर्गमन किया। विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने सदन से बाहर आकर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इस बजट में राज्य की जनता के लिये कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार पंजाब को ‘रंगला पंजाब’ बनाना चाहती है जबकि बजट में ऐसा कुछ भी नहीं झलकता है। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था से लेकर वित्तीय स्थिति, सब कुछ खराब है। उन्होंने कानून व्यवस्था की गडबड़ी के संदर्भ में कहा, “आश्चर्य हो रहा है कि ऐसी स्थिति कौन यहां निवेश करने आएगा। यह सरकार लोगों को आंकड़ों में ही गुमराह करने का प्रयास कर रही है।”
