नई दिल्ली : द्रौपदी मुर्मू ने रविवार को महिलाओं की सुरक्षा और उनकी गरिमा के सम्मान को देश की सुरक्षा और विकास के साथ जोड़ते हुए परिवार और विद्यालय में बालकों में इसका विचार और संस्कार भरे जाने का आह्वान है। राष्ट्रपति सचिवालय की एक विज्ञप्ति के अनुसार मुर्मू ने मीडिया से भी महिलाओं की गरिमा के प्रति संवेदनशीलता बरतने का आह्वान किया है। मुर्मू ने आज यहां राष्ट्रीय राजधानी में महिलाओं के लिए आयोजित एक बाइक रैली के प्रस्थान पर आयोजित समारोह को वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से संबोधित किया।
एक मीडिया हाउस की ओर से आयोजित इस बाइक रैली में राष्ट्रपति मुर्मू ने संदेश में कहा, “ महिलाओं के प्रति सम्मानपूर्ण आचरण की नींव परिवार में ही रखी जा सकती है।” उन्होंने परिवार की माताओं और बहनों को परिवार के बेटों – भाईयों में सभी महिलाओं के प्रति सम्मान सम्मान देने के मूल्यों को विकसित करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि परिवार के साथ शिक्षकों का भी यह दायित्व है कि वे विद्यार्थियों में महिलाओं के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता की संस्कृति को मजबूत करें। राष्ट्रपति ने कहा,“ महिलाएं सुरक्षित हैं तो परिवार सुरक्षित है, परिवार सुरक्षित है तो समाज सुरक्षित है और समाज सुरक्षित तो देश सुरक्षित है।”
मुर्मू ने कहा , “हमारे संविधान के अनुसार भारत के प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह ऐसी प्रथाओं को छोड़ें जो महिलाओं की गरिमा के विरुद्ध हैं। इस मौलिक कर्तव्य को निभाने के लिए आवश्यक है कि प्रत्येक नागरिक की सोच नारी के प्रति सम्मानपूर्ण हो।”
राष्ट्रपति ने लड़कियों से कहा कि प्रकृति ने महिलाओं को मां बनने की क्षमता दी है और जिसमें मातृत्व की क्षमता है, उसमें नेतृत्व की क्षमता स्वाभाविक रूप से विद्यमान है। उन्होंने कहा कि तमाम सीमाओं और चुनौतियों के बावजूद महिलाओं ने अपने अदम्य साहस और कौशल के बल पर सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि मीडिया से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने विज्ञापनों, समाचारों और कार्यक्रमों में महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा के प्रति पूरी संवेदनशीलता रखें। राष्ट्रपति ने कहा,“ ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘नए भारत’ के निर्माण का लक्ष्य तभी पूरा होगा जब हमारी बेटियां आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास की भावना के साथ आगे बढ़ेंगी।”
महिला सुरक्षित है, तो देश-समाज सुरक्षित है
