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भारतीय लोकतंत्र की स्थापना में पत्रकारों का बड़ा योगदान

सूरत : आचार्य देवव्रत ने मंगलवार को कहा कि भारतीय लोकतंत्र की स्थापना और उसे गतिशील रखने में पत्रकारों का बड़ा योगदान है।
देवव्रत की प्रेरक उपस्थिति में राज्य के सूरत में आज इंडियन जर्नालिस्ट यूनियन की नेशनल काउंसिल की बैठक का आयोजन किया गया। उन्होंने कर्नाटक, उड़ीसा, उत्तर प्रदेश और हरियाणा सहित राज्यों में से बैठक में भाग लेने पधारे मीडियाकर्मियों को स्मृतिचिन्ह प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया। इस बैठक में उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतंत्र की स्थापना और उसको गतिशील रखने में पत्रकारों का बड़ा योगदान है। पत्रकारिता जितनी सकारात्मक होगी, उतना ही लोकतंत्र स्कारात्मक होगा और तभी समाज में परस्पर भाईचारे का मजबूत वातावरण बना रहेगा। सामाजिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में भी पत्रकारों का महत्वपूर्ण योगदान है।
राज्यपाल ने प्रचार माध्यमों द्वारा प्राकृतिक कृषि का प्रसार कर समाज और प्रकृति की भलाई के लिए योगदान देने का मीडियाकर्मियों से आह्वान करते हुए कहा कि गौ आधारित प्राकृतिक कृषि द्वारा देशवासियों की रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाने के साथ ही क्लाइमेट चेंज और ग्लोबल वार्मिंग की समस्या में उल्लेखनीय कमी दिखायी देगी। तंदुरुस्त धरती और तंदुरुस्त राष्ट्र के निर्माण में प्राकृतिक कृषि रामबाण उपाय है। किसान प्राकृतिक कृषि अपनाकर रासायनिक कृषि के दुष्परिणामों से मुक्ति पाने के लिए प्रेरित हों, इसके लिए उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी पत्रकारों से अनुरोध किया।
उन्होंने कहा कि पृथ्वी, जल, अग्नि, आकाश, वायु- इन पांच महाभूतों को शुद्ध रखने के लिए गौ आधारित प्राकृतिक कृषि को अपनाना अनिवार्य है। प्राकृतिक कृषि अभियान के परिणाम स्वरूप गुजरात में चार लाख किसानों ने प्राकृतिक कृषि अपनायी है। आने वाले दिनों में 10 लाख किसान प्राकृतिक कृषि अपनायें, यह लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्राकृतिक कृषि के जन आन्दोलन को भारतभर में फैलाकर जन-जन तक पहुंचाते हुए इसका दायरा बढ़ाया जाएगा। यह संकल्प व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि प्राचीनकाल से ही ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना भारत के साथ जुड़ी हुई है। इसलिए ही प्रधानमंत्री नरेन्द्रभाई मोदी के दूरदर्शितापूर्ण आयोजन से कोरोनाकाल का दृढ़ता से मुकाबला कर भारत ने वैक्सीन जरुरतमंद देशों तक पहुंचाई। स्व का ही भला नहीं, वरन सृष्टि की भलाई के लिए विचार करना भारत का स्वभाव है।
देवव्रत ने मीडियाकर्मियों से दीन-दुखियों, पीड़ित, शोषित वर्ग को न्याय दिलवाने का अनुरोध करते हुए कहा कि वह यह ईश्वरीय कार्य कर मानवता की ज्योति प्रगटाने में निमित्त बनें।
इंडियन जर्नालिस्ट यूनियन के प्रमुख के.बी. पंडित ने स्वागत सम्बोधन करते हुए युनियन की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि सरल, सौम्य और सहज स्वभाव से आचार्य देवव्रतजी ‘जनता के राज्यपाल’ बने हैं। इस अवसर पर राज्यपाल ने युनियन की स्मरणिका का विमोचन किया।
जनरल सेक्रेटरी मुर्गेश शिवपूजी, गुजरात प्रेसिडेंट गणपत पंड्या, युनियन के सूरत शहर अध्यक्ष शौकत मिर्ज़ा, देवास लामाजी, गोपीनाथजी, सेवानिवृत्त आईएएस. आर.जे. पटेल, विभिन्न राज्यों के स्टेट प्रेसिडेंट सहित डेलिगेट्स, भारतभर से बैठक में भाग लेने पहुंचे प्रिंट और इलेक्ट्रिक मीडिया के प्रतिनिधि कार्यक्रम में उपस्थित थे।

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