नई दिल्ली : कार्मिक , जन शिकायत और पेंशन मंत्रालय से संबद्ध स्थायी समिति ने कहा है कि लोकपाल संस्था के कार्य को किसी भी तरीके से संतोषजनक नहीं कहा जा सकता और इस संस्था ने अब तक भ्रष्टाचार के एक भी आरोपी पर अभियोग नहीं चलाया है।
समिति ने बुधवार को राज्यसभा में पेश रिपोर्ट में कहा है कि लोकपाल द्वारा उपलब्ध कराये गये आंकडों से पता चलता है कि संस्था ने ज्यादातर मामलों में इस आधार पर शिकायतों का निपटारा कर दिया है कि ये निर्धारित प्रारूप में नहीं हैं। लोकपाल ने समिति को बताया है कि उसने अब तक भ्रष्टाचार के एक भी आरोपी पर अभियोग नहीं चलाया है। समिति का मानना है कि लोकपाल का गठन सार्वजनिक जीवन में भ्रष्टाचार से निपटने के लिए कानूनी तथा संस्थागत तंत्र को मजबूत बनाने के लिए किया गया था। हालाकि लोकपाल संस्था का कार्य किसी तरीके से संतोषजनक नहीं है।
समिति का मानना है कि लोकपाल का गठन स्वच्छ तथा जवाबदेह शासन को बढावा देने के प्रयासों के तहत किया गया था लेकिन ऐसा हुआ नहीं। समिति ने सिफारिश की है कि लोकपाल केवल तकनीकी आधारों पर शिकायतों का निपटारा न करे।
लोकपाल का कार्य संतोषजनक नहीं
