मथुरा : उत्तर प्रदेश में मथुरा की एक अदालत ने 14 वर्ष पूर्व की गई हत्या के मामले में दो अभियुक्तों को आजीवन कारवास के साथ जुर्माना अदा करने का आदेश दिया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार 17 अप्रैल 2009 की रात वृंदावनक्षेत्र के राल गांव निवासी राहुल, उसके पिता चन्दन और दो अन्य ने गिरधारी की हत्या कर दी थी और शव को रमन के खेत में डाल दिया। घटना को गांव के दो लोगों ने देखा था। वारदात के अगले दिन मृतक के भाई ऊदल ने घटना की सूचना जैत पुलिस चौकी में दे दी थी लेकिन पुलिस ने उसकी रिपोर्ट नही लिखी। जैत पुलिस चौकी अब थाना बन गया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता बीआर कुंतल ने मंगलवार को दिए गए फैसले के बारे आज बताया कि जब पुलिस ने ऊदल की पुलिस रिपोर्ट नही लिखी तो उसने 156 ( 3) सीआरपीसी के अन्तर्गत मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के यहां प्रार्थनापत्र दिया जिसके बाद पुलिस को वादी की रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया।
एडीजीसी ने बताया कि चूंकि घटना के समय अभियुक्त राहुल बच्चा था इसलिए उसका मुकुदमा जुवेनाइल कोर्ट में चल रहा है। इसी मुकदमे के दूसरे अभियुक्त चन्दन की मुकदमे के दौरान मृत्यु हो गई इसलिए अभियुक्तों योगेश एवं छ़त्रपाल पर ही मुकदमा चला।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता के अनुसार कोर्ट नम्बर दस के न्यायाधीश अवनीश कुमार पाण्डे ने गवाहों के बयान, चिकित्सक के बयान , पोस्टमार्टम रिपोर्ट आदि के आधार पर अभियुक्तों योगेश एवं छत्र.पाल को आजीवन कारावास का आदेश दिया। साथ ही देानो अभियुक्तों से बीस बीस हजार का जुर्माना अदा करने एवं जुर्माना न अदा करने पर दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगने का आदेश दिया तथा अब तक जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित करने का आदेश दिया। सभी सजाएं साथ साथ चलेंगी।
हत्या के आरोप में दो को उम्रकैद
