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महाराजा अग्रसेन कॉलेज का वार्षिक सांस्कृतिक समारोह “युवान” का हुआ समापन

नई दिल्ली : दिल्ली विश्वविद्यालय के महाराजा अग्रसेन कॉलेज में चल रहे तीन दिवसीय वार्षिक सांस्कृतिक समारोह “युवान” का समापन हुआ। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. संजीव कुमार तिवारी ने कहा कि युवान जैसा आयोजन विद्यार्थियों को न केवल अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान करता है बल्कि यह प्रबंधन कौशल व नेतृत्व क्षमता भी विकसित करने में मदद करता है। उन्होंने विजेताओं को उनकी जीत की बधाई तथा उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। इस सांस्कृतिक समारोह में आर्ट ऑफ लिविंग, विवेकानंद केंद्र, उड़ान, राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय आदि संगठनों से आए अतिथि विभिन्न प्रतियोगिताओं के निर्णायक मंडल में शामिल रहे।
इन तीन दिनों में दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न संस्थानों जिनमें, आईआईटी दिल्ली, दिल्ली तकनीकी विश्वविद्यालय, दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज, नेताजी सुभाष प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय ,एसजीटीबी खालसा कॉलेज, हिंदू कॉलेज, दिल्ली स्कूल ऑफ जर्नलिज्म ,वेंकटेश्वर कॉलेज ,रामजस कॉलेज,जीसस एंड मैरी कॉलेज सहित अन्य शैक्षणिक संस्थानों से 250 से अधिक टीमों व 1478 प्रतिभागियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया।

युवान के दौरान सुश्री पुनीता अग्रवाल के नेतृत्व में अपशिष्ट प्रबंधन टीम के प्रयासों से प्लास्टिक का न्यूनतम उपयोग करने का प्रयास किया गया। वेस्ट मैनेजमेंट कमिटी ने प्लास्टिक के प्रयोग को लेकर विद्यार्थियों को व्यवहार में बदलाव व अपशिष्ट सामग्री के पुनर्प्रयोग के लिए प्रोत्साहित किया। इस कार्यक्रम के दौरान दिए जाने वाले सभी उपहार ई-वेस्ट सामग्रियों से निर्मित थी।

युवान के अंतिम दिन इंग्लिश थिएटर प्ले प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। जिसमें कॉलेज ऑफ वोकेशनल स्टडीज के नाटक ’यूरेका’ को प्रथम स्थान तथा हंसराज कॉलेज के ‘कौमुदी’ को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ।
इस तीन दिवसीय संस्कृति उत्सव के दौरान कुल 24 प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया जिसमें वाद-विवाद प्रतियोगिता, लाइफ साइज गेम, सिल्वर लाइनिंग प्रदर्शनी, स्लैम कविता प्रतियोगिता, नॉर्थ ईस्ट क्विज, हिंदी थिएटर प्ले प्रतियोगिता, ग्रुप वेस्टर्न डांस प्रतियोगिता, आईपीएल ऑक्शन क्विज, बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट, एकल शास्त्रीय नृत्य प्रतियोगिता ,सामान्य प्रश्नोत्तरी, मार्केट यौर विट्स, फिल्म निर्माण प्रतियोगिता, योग प्रतियोगिता, स्थिर जीवन निर्माण प्रतियोगिता, शास्त्रीय एकल गायन प्रतियोगिता, पश्चिमी एकल गायन प्रतियोगिता, उत्तर-पूर्व समूह गीत, समूह लोक नृत्य प्रतियोगिता, अंग्रेजी रंगमंच नाटक प्रतियोगिता, एक मिनट की फिल्म निर्माण प्रतियोगिता, गीता श्लोक पाठ प्रतियोगिता, रंगोली प्रतियोगिता और नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता जैसे कार्यक्रम थे जो युवान के तीन दिनों के दौरान आयोजित किए गए थे।

तीन दिवसीय समारोह के समापन पर एक्स्ट्रा कैरीकुलम एक्टिविटी कमेटी की संयोजिका डॉ देबोस्मिता पॉल ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

युवान के तीसरे दिन विवेकानंद केंद्र, उत्तर प्रांत के दिल्ली चैप्टर के सहयोग से गीता श्लोक पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में महाराजा अग्रसेन कॉलेज, पीजीडीएवी कॉलेज, स्वामी श्रद्धानाद कॉलेज, शहीद भगत सिंह कॉलेज, शहीद राजगुरु कॉलेज ऑफ एप्लाइड साइंसेज से कुल 20 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
यह प्रतियोगिता श्रीमत भागवत गीता के कर्म योग पर आधारित थी, जिसमें प्रतिभागियों को श्लोक की स्तुति उसके अर्थ सहित करना था। इस अवसर निर्णायक मंडल के सदस्य के रुप में आमंत्रित इंद्रप्रस्थ महिला महाविद्यालय के संस्कृत के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. ओम प्रकाश ने कहा कि गीता का कर्मयोग केवल कर्म की पूजा ही नहीं है, यह भक्ति और त्याग की भी सीख देता है। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि भक्ति की ये भावनाएँ स्वयं के बलिदान और दूसरों के कल्याण पर जोर देती हैं।

इस प्रतियोगिता में पीजीडीएवी कॉलेज की प्रियंका गुप्ता ने प्रथम पुरस्कार जीता, जिसमें उन्होंने श्रीमद् भगवद्-गीता के कृत्य अध्याय से 10 श्लोकों का पाठ किया और हमारे आज के जीवन में उन श्लोकों के महत्व का वर्णन किया।
दूसरा पुरस्कार महाराजा अग्रसेन महाविद्यालय के अभिषेक बुढाकोटी को मिला जिन्होंने श्रीमद् भगवद्-गीता के विभिन्न अध्यायों से कर्म योग से संबंधित 10 श्लोकों का अर्थ सहित पाठ किया। इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों का मनोबल बढ़ाने के लिए डॉ. आभा शर्मा, श्री दिव्यांशु, डॉ. देबोस्मिता पॉल व अन्य मौजूद रहे। प्रतियोगिता का संचालन सिजान खान व मुद्रिका गुप्ता ने किया।

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