नई दिल्ली : राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने हैदराबाद में पिछले वर्ष दशहरा के दौरान हैंड ग्रेनेड (हथगोला) के हमले की साजिश के मामले में पकड़े गये तीन व्यक्तियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किये हैं। ये तीनों आतंकवादी लश्करे तैयबा के लिए कथित रूप से काम करते थे।
एनआईए ने बुधवार को एक विज्ञप्ति में कहा कि इस मामले में विस्तृत जांच-पड़ताल के बाद लश्करे तैयबा के काम करने वाले तीन व्यक्तियों मोहम्मद अब्दुल वाजिद उर्फ जाहेद, समीउद्दीन उर्फ समी और माजहसन फारूक उर्फ माज के खिलाफ आतंकवाद के लिए धन जुटाने, विस्फोटक को उठाकर लाने और इस आतंकवादी संगठन के लिए काम करने वालों की भर्ती करने का काम अंजाम देने का अभियोग पत्र बुधवार को दायर किया गया।
इस मामले की पहले हैदराबाद पुलिस जांच कर रही थी। एनआईए इस वर्ष जनवरी में यह जांच अपने हाथ में ली। एनआईए का कहना है कि जांच में सामने आया है कि ये तीनों अभियुक्त भारत सरकार द्वारा घोषित आतंकवादी फरहतुल्ला गोरी के संपर्क में थे। साथ ही वे लश्करे तैयबा के प्रमुख आतंकवादियों सिद्दीक बिन उस्मान उर्फ अबू हंजाला, अब्दुल माजिद उर्फ छोटू और अन्य आतंकवादी सरगनाओं तथा कार्यकर्ताओं के संपर्क में थे। गोरी समेत ये तीनों लश्कर के आतंकवादी सरगना पाकिस्तान में हैं। एनआईए के अनुसार जाहेद को गोरी ने ऑनलाइन माध्यम से प्रशिक्षित किया था और उसे हवाला के जरिए पैसे पहुंचाये थे। जाहेद को और व्यक्तियों को इस आतंकवादी नेटवर्क के साथ जोड़ने की हिदायत दी गयी थी।
एनआईए ने कहा है कि इन तीनों ने हैदराबाद शहर में भीड़भाड़ वाले एक जगह पर बम विस्फोट करने में अपने शामिल होने की बात कुबूल की है। जाहेद ने ही समी,माज और मोहम्मद कलीम को लश्करे तैयबा के काम के लिए उकसाया था।
एजेंसी की विज्ञप्ति में कहा गया है कि पिछले साल 28 सितंबर को हैदराबाद के बाहर हैदराबाद-नागपुर राजमार्ग के किनारे मनोहराबाद गांव के पास एक जगह चार हथगोले रखे गये थे। जाहेद ने समी के जरिए इन विस्फोटकों को मंगवाया था और समी तथा माज को एक-एक हथगोला देकर दशहरा समारोह में विस्फोट कराने की हिदायत दी थी। वे योजना के अनुसार कार्रवाई को अंजाम कर पाते उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और उनके घरों से हथगोले बरामद कर लिये गये। जाहेद के घर से 20 लाख रुपये की बरामदगी हुई थी।
लश्करे तैयबा के तीन आतंकवादियों के खिलाफ आरोप पत्र
