- संत परम आचार्य प्रज्ञसागर जी महाराज और आचार्य श्री लोकेश मुनी जी का भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुग ने किया अभिनंदन
- भगवान माहावीर समस्याओं के समाधान हैं, जो उनके बताये रास्ते पर चलेगा वह सुख शन्ति को प्राप्त करेगा: आचार्य प्रज्ञसागर जी महाराज
- अगर किसी समस्या का समाधान कही मिलता है तो वह महावीर दर्शन में मिलता है : आचार्य लोकेश मुनी
- अगर समाजिक कुरीतियों से बचने का कोई मंत्र है तो वह भगवान महावीर का मंत्र ‘जिओ और जीनो दो’ है : सचदेवा
नई दिल्ली। दिल्ली भाजपा द्वारा आज प्रदेश कार्यालय में भगवान महावीर के 2550वां जन्मोत्सव के मौके पर समारोह का आयोजन किया गया जिसमें राष्ट्रसंत परम आचार्य प्रज्ञसागर जी महाराज और आचार्य श्री लोकेश मुनी जी ने मंगल प्रवचन दिये।
भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री श्री तरुण चुग ने अभिनंदन किया और दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष श्री वीरेन्द्र सचदेवा ने स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका स्वागत किया। दिल्ली जैन समाज के अध्यक्ष श्री चक्रेश जैन एवं प्रमुख जैन स्तम्भ श्री सुभाष ओसवाल ने भी मंच पर महाराज जी का अभिनंदन किया।
समारोह में प्रदेश भाजपा संगठन महामंत्री श्री सिद्धार्थन, सांसद डॉ हर्षवर्धन एवं श्री डॉ अनिल जैन, भाजपा संसदीय बोर्ड सदस्य श्री सत्यनारायण जटिया, एल्डरमैन श्री मनोज जैन, पूर्व महापौर श्री निर्मल जैन, पूर्व पार्षद श्री प्रवीण जैन, श्री जागीराम जैन एवं श्री कनिका जैन, श्री राजीव जैन, श्री विनोद जैन, प्रदेश प्रवक्ता श्रीमति सारिका जैन सहित दिल्ली जैन समाज के अनुयायी और भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन श्री पंकज कुमार जैन ने किया।
आचार्य प्रज्ञासागर जी महाराज ने अपने प्रवचन में बताया कि जीवन शैली कैसी होनी चाहिए और कहा मानवता का पाठ अगर कोई पढ़ाता है तो वह जैन समाज है और साथ ही भगवान महावीर द्वारा कही गई बातें सभी समस्याओं का समाधान हैं। उन्होंने कहा कि भगवान महावीर समस्याओं के समाधान हैं, जो उनके बताये रास्ते पर चलेगा वह सुख शन्ति को प्राप्त करेगा। उन्होंने महावीर और जैन समाज की खूबियों के बारे में विस्तार से वर्णन किया और साथ ही बताया कि कैसे जैन समाज के अनुयायी और महाराजाओं ने देश के विस्तार में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि भगवान महावीर ने जीने का एक लक्ष्य दिया नहीं तो हम आज हिंसा की ओर तेजी से आकर्षित होते।
आचार्य श्री लोकेश मुनी ने कहा कि अगर किसी समस्या का समाधान कही मिलता है तो वह महावीर दर्शन में मिलता है। भगवान महावीर जितने बड़े अध्यात्मिक पुरुष थे उससे बड़े वह मनोवैज्ञानिक और वैज्ञानिक पुरुष थे। 2600 वर्ष पहले उन्होंने कहा कि था वनस्पति में जीव हैं जो आज सच साबित हुआ। उन्होंने कहा कि जैन धर्म सिर्फ एक जीवन शैली है। एक इंसान सिर्फ कैसे इंसान बने और उसके अंदर मानवता कैसे आए वह जैन धर्म सिखाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने साल 2015 में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर जब मुझे बोलने का मौका दिया तो उस वक्त मैंने कहा था कि जैन धर्म में जो भी प्रतिमाएं मिलती हैं वे सभी ध्यान और योग की मुद्रा में मिलती हैं।
