नई दिल्ली। आज कल अधिकांश लोगों में लो बैक पेन यानी कमर दर्द की शिकायत बड़ी आम हो चली है. विशेषज्ञ इसके कई कारण बता रहे हैं. लेकिन एक बड़ा कारण आज की आधुनिक जीवन शैली है. कमर दर्द का पहले दर्दनाशक दवाओं व बेडरेस्ट के अलावा कोई कारगर इलाज नहीं था. लेकिन आज लो बैक पैन प्रबंधन की नई चिकित्सा सुविधाएं देश में उपलब्ध हो गयी हैं. आज कल लो बैक पेन की शिकायत इस कदर आम हो गई है कि आप का कोई न कोई परिचित इससे परेशान अवश्य मिल जायेगा.
ग़ज़िआबाद स्थित सेंटर फॉर नी एंड हिप केयर के फिजियो डिपार्टमेंट के हेड डा.इंद्रमणि उपाध्याय का कहना है कि आज महानगरों की अराम पसंद जीवनशैली, गलत रहन-सहन, शारीरिक श्रम की कमी, बैठने व सोने के बेतुके ढंग, भीड़ भरी सड़कों पर अधिक समय तक गाड़ी चलाने आदि के कारण युवाओं में भी रीढ़ ‘स्पाइनÓ संबंधी बीमारी महामारी की तरह फैल रही है. आज 15 से 30 वर्ष के अधिकांश युवा रीढ़ के विकारों से ग्रस्त हैं. रीढ़ की हड्डी में खराबी के कारण या तो पीठ या कमर में असह्य दर्द होता है. उसमें स्पाइन के मरीजों की तादाद में बेतहाशा बढ़ोतरी हो रही है. गांव की अपेक्षा शहरों में स्पाइन के रोगियों की संख्या अधिक है. स्पाइन जिसका खुद का वजन काफी कम होता है, पूरे स्थल के बीच डिस्क बहुत ही व्यवस्थित ढंग से फिट रहती है और डिस्क बर्टिबा पर अंकुश कायम रखती है. अगर किसी कारण से बर्टिब्रा के आगे की दिशा यानी पेटी की तरफ या पीछे की दिशा ‘पीठ की तरफÓ खिसक सकता है. इसमें जब डिस्क पीठ की तरफ खिसकती है तो वह मरीज के लिए बहुत घातक होता है. डा का कहना है कि लो बैंक पेन की अधिकांश शिकायत एल-4 व एल-5 या एल-5 व एस-1 के लेवल पर होती है. स्पाइन की शल्य चिकित्सा में मैग्नेटिक रेजोन्स इमेजिंग ‘एम.आर.आई.Ó की महत्वपूर्ण भूमिका है, ऑपरेशन से पूर्व स्लिप्ड डिस्क की स्थिति का पता लगाना आवश्यक होता है. साथ ही यह भी जानना जरूरी होता है कि स्लिप्ड डिस्क किन नसों पर दबाव डाल रही है, एम.आर.आई ही एक ऐसा यंत्र है जो स्पाइन संबंधी गड़बड़ी की सही और कई गुण संबंधित तस्वीर दिखा सकता है. आप इसके इलाज के लिए जो आधुनिक प्रबंध मौजूद है. अगर मरीज शुरुआती दौर में ही किसी अच्छे से फ़िज़ीओथेरपिस्ट से सलाह ले के प्रापर उनके गाइडेंस में अपना इलाज कराता है तो यह बीमारी पूर्ण रूप से ठीक भी हो जाती है और लोगो को इस समस्या से निजात मिल जाता है , आज कल फिजियोथेरेपी में कुछ आधुनिक मशीनों के साथ साथ कुछ मोबिलाइजेशन तकनीक का भी उपयोग किया जाता है जिससे हमारी कमर के खिसके हुए देश को भी उसकी जगह पे 1 फिर से लाया जा सकता है डॉक्टर उपाध्याय के अनुसार आज की आधुनिक जीवनशैली में ध्यान देना चाहिए कि हमें अपनी कमर के मांसपेशियों को पूरी तरीके से मजबूत रखना चाहिए जिसके लिए कोर मसल्स स्ट्रेंथनिंग व्यायाम है . पोस्चर पे भी ध्यान देके इन चीज़ों को कर के हम इन समस्याओं से निजात पा सकते हैं और सर्जरी से बच भी सकते हैं लेकिन हमें सही समय पर एक अच्छे और सही फिज़ियो अंदर गाइडेंस में ही ट्रीटमेंट लेना चाहिए आज कल फिजियोथेरेपी में काफ़ी आधुनिकीकरण हो चुका है हम इस ट्रीटमेंट के माध्यम से सर्जरी से भी बच सकते है।
लो बैक पेन का बड़ा कारण आधुनिक जीवन शैली : डॉ इंद्रमणि
