चंडीगढ़ : दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि सरकारी एजेंसियों द्वारा खरीदी गई फसल का भुगतान सीधे किसानों के खाते में 48 से 72 घंटे के अंदर किया जाएगा और अगर विलम्ब होता है तो इस पर नौ प्रतिशत की दर से ब्याज दिया जाएगा। चौटाला ने शनिवार को यहां पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में गेहूं की सरकारी खरीद के लिए 408 मंडी, सरसों के लिए 102, दालों के लिए 11 और जौ के लिए 25 मंडियां चिन्हित की गई हैं। अभी तक करीब 1.5 लाख टन गेहूं मंडियों में पहुंचा है जिसमें से 18 हजार टन की खरीद की गई है। पिछले वर्ष सरकारी एजेंसियों ने 67 लाख टन गेहूं की खरीद की थी। इस बार हालांकि ओलावृष्टि से फसल को नुकसान तो हुआ है लेकिन इस बार भी इतनी ही खरीद होने की सम्भावना है जबकि राज्य सरकार ने 76 लाख टन खरीद के लिए पुख्ता प्रबंध किए हुए हैं।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के राजस्व में निरंतर वृद्धि हो रही है। वर्ष 2019-20 के दौरान जहां प्रदेश में 6,100 करोड़ रुपए स्टाम्प-ड्यूटी के रूप में सरकार को मिले हैं वहीं कोविडकाल के समय चार माह राजस्व अदारे बंद रहने के बावजूद भी वर्ष 2020-21 में स्टाम्प-ड्यूटी के रूप में 5,134 करोड़, वर्ष 2021-22 में 8,490 करोड़ और वर्ष 2022-23 में अभी तक 10,395 करोड़ रुपए आ चुके हैं।
भुगतान विलम्ब पर किसानों को मिलेगा नौ प्रतिशत ब्याज
