चेन्नई : आर एन रवि ने विधेयकों को मंजूरी देने में देरी को लेकर उनके खिलाफ पेश प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित होने के कुछ घंटे बाद ऑनलाइन जुए पर प्रतिबंध लगाने वाले विधेयक को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने राज्यपाल की सहमति के बाद केंद्र और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से आग्रह किया कि वह तुरंत राज्यपाल आर.एन. रवि को एक विशिष्ट अवधि के भीतर विधानसभा द्वारा पारित विधेयकों को अपनी सहमति देने के लिए उचित निर्देश जारी करें। राज्यपाल ने उन पर बढ़ते दबाव के साथ आखिरकार अपनी सहमति दे दी। संविधान के अनुच्छेद 200 के अनुसार, राज्यपाल के पास राज्य विधानसभा द्वारा दूसरी बार पारित विधेयक को अपनी सहमति देने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है।
उल्लेखनीय है कि 141 दिनों के अंतराल के बाद राज्यपाल रवि ने इस तरह के कानून को लागू करने के लिए राज्य विधानसभा की क्षमता पर सवाल उठाते हुए छह मार्च को ऑनलाइन जुआ और ऑनलाइन गेम के विनियमन विधेयक, 2022 के तमिलनाडु विधेयक को वापस कर दिया था। इस पर सत्तारूढ़ द्रविड मुन्नेत्र कषड़म (द्रमुक) और उसके सहयोगियों की कड़ी आलोचना की। तमिलनाडु में ऑनलाइन रम्मी में लाखों रुपये के नुकसान के कारण आत्महत्याओं को देखते हुए ऑनलाइन जुआ निषेध और ऑनलाइन खेलों के नियमन विधेयक को 19 अक्टूबर, 2022 को विधानसभा में सर्वसम्मति से पारित किया गया था।
एमडीएमके महासचिव और राज्यसभा सांसद वाइको और पीएमके अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद डॉ. अंबुमणि रामदास सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने विधेयक को लगभग 140 दिनों तक रखने के बाद वापस करने के लिए राज्यपाल की कड़ी निंदा की। गौरतलब है कि रवि ने छह अप्रैल को अपनी टिप्पणी के साथ एक विवाद खड़ा कर दिया था। उन्होंने कहा कि मार्च 2018 में हुए स्टरलाइट विरोध ‘विदेशी वित्तपोषित’ था, जिसमें पुलिस की गोलीबारी में 13 लोगों की मौत हो गई थी। इसके कारण थूथुकुडी में वेदांता का कॉपर स्मेल्टर प्लांट बंद हो गया था। मुख्यमंत्री श्री स्टालिन ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि राज्यपाल को एक तानाशाह के रूप में कार्य नहीं करना चाहिए।
उन्होंने अपने बयान में राज्यपाल की टिप्पणी की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि राज्यपाल विधेयकों को रोक नहीं सकते हैं, यह कहते हुए कि अनुमोदन में अनावश्यक रूप से देरी करना राज्यपाल की ओर से कर्तव्य का अपमान है। स्टालिन ने कहा कि आम आदमी के जीवन की रक्षा के लिए ऑनलाइन जुआ प्रतिबंध पर विधेयक अत्यंत आवश्यक था, और राजभवन को इसे मंजूरी देने में कोई देरी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं तमिलनाडु के राज्यपाल की कड़ी निंदा करता हूं, जो पद की शपथ के विपरीत और राज्य के कल्याण के खिलाफ काम कर रहे हैं।
इसके बाद द्रमुक और उसके सहयोगियों ने 12 अप्रैल की शाम को राजभवन के सामने राज्यपाल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की घोषणा की। गठबंधन पार्टी के 11 नेताओं द्वारा हस्ताक्षरित एक संयुक्त बयान में नेताओं ने रवि पर निशाना साधा और कहा कि हम एक ऐसा राज्यपाल नहीं चाहते हैं, जो ऑनलाइन जुए के कारण आत्महत्या कर चुके और स्टरलाइट विरोधी प्रदर्शनों में मारे गए लोगों की परवाह नही करता है।
ऑनलाइन जुए पर प्रतिबंध
