प्रयागराज : उमेश पाल हत्याकांड के वांछितों को शरण देने की आरोपी माफिया अतीक अहमद की बहन आयशा नूरी ने मंगलवार को प्रयागराज की सीजेएम कोर्ट में वकील के जरिए आत्मसमर्पण की अर्जी दी है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दिनेश कुमार गौतम की कोर्ट में आयशा नूरी के अधिवक्ता विजय मिश्रा ने दोपहर 12.30 बजे आत्मसमर्पण अर्जी दाखिल की है। कोर्ट ने अर्जी पर सुनवाई के लिए 13 अप्रैल की तारीख मुकर्रर की है। अर्जी पर धूमनगंज पुलिस से आख्या मांगी गई है। आयशा नूरी के अधिवक्ता ने बताया कि उनकी मुवक्किल की अर्जी पर धूमनगंज पुलिस से आख्या मांगी गई है, जिससे वह अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर अपनी जमानत करा सके।
गौरतलब है कि पुलिस ने अतीक के बहनोई डा अखलाक को उसके घर मेरठ के नौचंदी थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। उमेश पाल की हत्या के बाद एसटीएफ फरार शूटरों की तलाश कर रही थी। शूटरों में गुड्डू मुस्लिम के मेरठ में डॉ. अखलाक के घर आकर ठहरने का जानकारी मिली। एसटीएफ को जैसे ही सीसीटीवी से इसका सुराग मिला, उसने डॉ. अखलाक को गिरफ्तार कर लिया।
उसके बाद से फरार आयशा नूरी और उसकी दोनो बेटियाें को पुलिस ने वांछित घोषित किया था। पुलिस की तलाश में जगह-जगह छापेमारी कर रही थी। सभी पर शूटरों को संरक्षण देने और मदद करने का आरोप है। पुलिस का कहना है कि पांच-पांच लाख के इनामी शूटर असद, गुड्डू मुस्लिम ने डॉ.अखलाक के मेरठ जिले के नौचंदी थाना क्षेत्र स्थित घर पर पनाह ली थी। इस दौरान अखलाक ने शूटरों को आर्थिक सहित दूसरी मदद भी की थी। घर में अखलाक की बेटियों ने भी मददगार की भूमिका निभाई थी।
अतीक की बहन आयशा नूरी ने दी आत्मसमर्पण की अर्जी
