गांधीनगर : भूपेंद्र पटेल ने मंगलवार को कहा कि पानी का मूल्य समझकर भविष्य के लिए पानी बचाना हर किसी का नैतिक कर्तव्य है। पटेल ने कम पानी में अधिक खेती और सिंचाई के लिए ड्रिप इरिगेशन यानी टपक सिंचाई प्रणाली का दायरा बढ़ाकर हरित क्रांति को गति देने का भी आह्वान किया है। गुजरात राज्य उद्वहन पियत सहकारी संघ की ओर से उनका अभिवादन किया गया। इस अभिवादन कार्यक्रम में राज्य के सभी 33 जिलों की लगभग 286 से अधिक उद्वहन पियत सहकारी मंडलियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने सिंचाई योजनाओं की दक्षता में वृद्धि करने और पानी की कम सुविधा वाले क्षेत्रों में सिंचाई सुविधा को बढ़ाने तथा ढांचागत सुविधाएं विकसित करने के लिए उद्वहन सिंचाई यानी लिफ्ट इरिगेशन तथा टपक सिंचाई यानी ड्रिप इरिगेशन सहित उद्वहन पियत सहकारी मंडलियों के लिए जो उदार दृष्टिकोण दिखाया है। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शिता से गुजरात और भारत ने दुनिया में विकास की अनूठी पहचान बनाई है। उन्होंने यह अनुरोध भी किया कि “हम उसका पूरा लाभ उठाकर सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास मंत्र के साथ कर्तव्यरत रहें।” गुजरात राज्य उद्वहन पियत सहकारी संघ के नेता चेयरमैन देवशीभाई और हसुभाई आदि ने राज्य सरकार से मिल रहे सहयोग एवं प्रोत्साहन के लिए सभी की ओर से आभार व्यक्त किया।
पानी बचाना हर किसी का नैतिक कर्तव्य
