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वैश्विक आर्थिक भू-राजनीतिक माहौल को लेकर चिंता

वाशिंगटन : निर्मला सीतारमण ने चालू वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अनुमानित वृद्धि दर 6 प्रतिशत से अधिक रहने के अनुमान का उल्लेख करते हुये कहा है कि इसके बावजूद वैश्विक आर्थिक भू-राजनीतिक माहौल को लेकर चिंता है। सीतारमण ने कल यहां विश्व बैंक-आईएमएफ वसंत बैठक 2023 की विकास समिति की बैठक में भाग लेने के दौरान वैश्विक नेताओं की मौजूदगी में कहा कि मौजूदा प्रतिकूल परिस्थितियों और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव ने वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव डाला है। वैश्विक अर्थव्यवस्था पहले ही ऊंची ब्याज दरों, महंगाई के दबाव से प्रभावित है।

उन्होंने कहा कि कुछ विकसित अर्थव्यवस्थाओं में बैंकिंग क्षेत्र में हालिया संकट ने वैश्विक आर्थिक सुधार के लिए चुनौतियों को और बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि वैश्विक आपूर्ति श्रृखंला की दिक्कतों की वजह से खाद्यान्न, ईंधन और उर्वरक क्षेत्र पर दबाव बना है। इससे खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा संकट बढ़ा है। इसकी वजह से दुनिया में गरीब और सीमान्त वर्ग बुरी तरह प्रभावित हुआ है। वित्त मंत्री ने कहा कि आज समय की जरूरत लोगों की अगुवाई में सहमति आधारित और सामूहिक पहल की है, जिससे वैश्विक वित्तीय चुनौतियों से निपटा जा सके।

उन्होंने कहा, “अत्यधिक गरीबी को समाप्त करना” और “साझा समृद्धि को बढ़ावा देना” एक तरह से समावेशी, लचीला और टिकाऊ कदम है। अपने हस्तक्षेप के दौरान श्रीमती सीतारमण ने सुझाव दिया कि तीसरे लक्ष्य के रूप में वैश्विक सार्वजनिक वस्तुओं को भी ध्यान में लाया जाना चाहिए। वित्त मंत्री ने कहा विश्व बैंक समूह का विकास-गवर्नरों के लिए एक रिपोर्ट विश्व बैंक समूह के विकास पर सामूहिक रूप से सोचने का एक ऐतिहासिक अवसर प्रदान करता है।

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