भीलवाड़ा : राजस्थान में भीलवाड़ा नगर विकास न्यास में .सी.व्यास कॉलोनी के करोड़ों रुपए के भूखण्ड के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसे हड़पने का खेल खेला गया लेकिन असली मालिक के सामने आ जाने से मामले का भण्डा फूट गया और रजिस्ट्री होने से बच गई। अब इस मामले की रिपोर्ट पुलिस में दर्ज कराई गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार नगर विकास न्यास की आवासीय योजना आर.सी. व्यास के भूखण्ड संख्या 7-आई-29 को उपेन्द्र कुमार खण्डेलवाल ने खरीदा था। लेकिन उन्होंने किसी को खरीदने के बाद बेचा नहीं परन्तु पिछले दिनों उक्त भूखण्ड़ की प्रथम पंजीयन के संबंध में अखबार की विज्ञप्ति देखकर वे चौंक गये। विज्ञप्ति में रामूलाल जाट ने उक्त भूखण्ड के प्रथम पंजीयन के लिए आवेदन किया था। खण्डेलवाल ने अखबार में अपने भूखण्ड की दूसरे के नाम रजिस्ट्री होने की जानकारी होने पर वे नगर विकास न्यास पहुंचे और पता किया तो फर्जी दस्तावेजों के जरिए उक्त भूखण्ड सीकर जिले के खण्डेला निवासी रामूलाल जाट पिता हनुमान जाट के नाम रजिस्ट्री के कागज तैयार किये गये थे। जबकि रामूलाल ने न्यास में जो दस्तावेज दिये वह अपंजीकृत होने के साथ ही फर्जी है।
न्यास में इस तरह का यह पहला मामला नहीं। इस तरह का यह पहला मामला नहीं है। पहले भी कुछ भूखण्डों की रजिस्ट्री कराने का प्रयास किया गया जिन्हें भी पकड़ा गया है लेकिन वह मामले पुलिस तक नहीं पहुंचे थे। न्यास में ही सेटलमेंट हो गया। अब खण्डेलवाल की शिकायत पर नगर विकास न्यास की भूखण्ड शाखा द्वितीय के प्रभारी अधिकारी तारातंद द्वारा एक रिर्पाेट सुभाषनगर थाने में दर्ज करवाई है।
भूखण्ड के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसे हड़पने का प्रयास
