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सीमा पर शांति के बिना चीन के साथ संबंध आगे नहीं बढ़ सकते

नई दिल्ली : पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर पिछले तीन वर्ष से भारत और चीन की सेनाओं में चले आ रहे गतिरोध के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को यहां चीन के रक्षा मंत्री जनरल ली शांगफू के साथ मुलाकात की और स्पष्ट रूप से कहा कि दोनों देशों के बीच संबंधों के आगे बढ़ने के लिए सीमा पर शांति और मैत्री का माहौल होना जरूरी है। चीन के रक्षा मंत्री शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में हिस्सा लेने के लिए यहां आए हुए हैं। संगठन की शुक्रवार को होने वाली बैठक से पहले दोनों रक्षा मंत्रियों की मुलाकात के बाद रक्षा मंत्रालय ने एक वक्तव्य जारी कर कहा कि दोनों नेताओं ने भारत चीन सीमा की गतिविधियों समेत द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न आयामों पर खुलकर तथा बेबाक चर्चा की।

सिंह ने चीन के रक्षा मंत्री को साफ शब्दों में बताया कि भारत और चीन के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए सीमा पर शांति तथा मैत्री का माहौल जरूरी है। श्री सिंह ने जोर देकर कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा से संबंधित सभी मुद्दों का समाधान मौजूदा द्विपक्षीय समझौतों और वचनबद्धताओं के अनुरूप ही किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मौजूदा समझौतों के उल्लंघन से द्विपक्षीय संबंधों का आधार ध्वस्त हो गया है। उन्होंने कहा कि सीमा पर सैनिकों के पीछे हटने से ही तनाव कम होगा। उल्लेखनीय है कि चीन के साथ सैन्य गतिरोध के शुरू होने के बाद चीन के रक्षा मंत्री की यह पहली भारत यात्रा है। भारत विभिन्न मुलाकातों के दौरान पहले ही कह चुका है कि जब तक सीमा पर शांति स्थापित नहीं होती है, चीन के साथ संबंध आगे नहीं बढ़ सकेंगे।

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