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यूरोप में बरकरार रखेंगे आत्मविश्वास

बेंगलुरु : भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने एफआईएच पुरुष हॉकी प्रो लीग में टीम के अच्छे प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि वह इसी आत्मविश्वास के साथ प्रतियोगिता के यूरोपीय चरण में प्रवेश करना चाहते हैं। भारत ने ओडिशा के राउरकेला में खेले गये हालिया प्रो लीग मुकाबलों में विश्व चैंपियन जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया को मात दी थी। हरमनप्रीत की टीम वर्तमान में नव-नियुक्त मुख्य कोच क्रेग फुल्टन के नेतृत्व में एफआईएच हॉकी प्रो लीग के यूरोपीय चरण की तैयारी कर रही है। यूरोप से लौटने के बाद हरमनप्रीत की टीम चैंपियन्स ट्रॉफी में हिस्सा लेगी, जो सितंबर में हांग्झोउ में होने वाले एशियाई खेलों की तैयारी के लिये महत्वपूर्ण साबित होगा।
हरमनप्रीत ने कहा, “हमने शनिवार की सुबह नए मुख्य कोच क्रेग फुल्टन के साथ पहली मुलाकात की। वह हर सत्र में बहुत ऊर्जा के साथ खेल का अभ्यास करवाते हैं और इस साल हमारे लिए यह एक अच्छी संरचित योजना है। अभी हमारे पास अच्छी गति है। हमने प्रो लीग के घरेलू मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया है। हमारा विचार उसी आत्मविश्वास के साथ यूरोपीय चरण में जाने का है।” यह प्रतिष्ठित एशियाई चैंपियन्स ट्रॉफी का सातवां संस्करण है जिसका आयोजन तीन से 12 अगस्त के बीच होने वाला है। एफआईएच ओडिशा हॉकी पुरुष विश्व कप में जापान से भिड़ने के अलावा भारत ने लंबे समय से घरेलू परिस्थितियों में एशिया की किसी बड़ी टीम का सामना नहीं किया है। चेन्नई में विशेषकर हॉकी की वापसी 16 साल के बाद हो रही है।
हरमनप्रीत ने यहां भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) में अपने प्रशिक्षण सत्र के बाद कहा, “यह न केवल हमारे लिये बल्कि दर्शकों के लिये भी काफी रोमांचकारी अनुभव होगा। मुझे उम्मीद है कि एशियाई महाद्वीप में हमारे कुछ शीर्ष प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ हमें खेलते देखने के लिये सभी हॉकी प्रशंसक बड़ी संख्या में फिर से आएंगे।” हरमनप्रीत ने कहा, “प्रो लीग से लौटने के बाद हमारे पास हीरो एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी चेन्नई 2023 की तैयारी के लिए 45 दिन का अच्छा-खासा समय होगा। घर में एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में अच्छा प्रदर्शन निश्चित रूप से हमें एशियाई खेलों में अच्छे प्रदर्शन के लिए तैयार करेगा। हम चेन्नई में इस शीर्ष आयोजन की मेजबानी करने और समर्थन देने के लिये तमिलनाडु सरकार के आभारी हैं।”
टीम जहां एक तरफ अपनी कमियों में सुधार करती जा रही है, वहीं उसने अपनी दिनचर्या में सफलता के नये मंत्र भी जोड़े हैं।
हरमनप्रीत ने बताया, “क्योंकि इस साल लगातार कई आयोजन होने हैं, इसलिये हम खुद को मानसिक और शारीरिक रूप से तरोताजा रखने पर काम कर रहे हैं। योग को हमारी साप्ताहिक दिनचर्या में शामिल किया गया है और इसने हमारे ध्यान केंद्रित करने में बहुत मदद की है।” भारतीय पुरुष टीम ने 2011 में आयोजित उद्घाटन संस्करण और 2016 में एशियाई चैंपियन्स ट्रॉफी का खिताब जीता था, जबकि ढाका में 2021 में आयोजित पिछले संस्करण में भारतीय टीम ने कांस्य पदक से संतोष किया था।

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