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दिल्ली के 360 गांवों ने खिलाड़ियों को दिया समर्थन

सात मई को जंतर-मंतर पर होगी महापंचायत: गोपाल राय
नई दिल्ली।
दिल्ली के 360 गांवों के प्रतिनिधियों ने बुधवार को जंतर-मंतर पर जाकर न्याय की मांग को लेकर धरना दे रहे पहलवानों का समर्थन किया। ये प्रतिनिधि ”आप’ के दिल्ली प्रदेश संयोजक गोपाल राय के नेतृत्व में यहां पहुंचे थे। इसमें कैबिनेट मंत्री सौरभ भारद्वाज, कई विधायक व पार्षद समेत गणमान्य लोग शामिल थे। ”आप’ के दिल्ली प्रदेश संयोजक गोपाल राय ने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार इस गलतफहमी में है कि खिलाड़ी धरना खत्म करने के लिए मजबूर हो जाएंगे। लेकिन दिल्ली के लोग इनके साथ हैं और इनकी हिम्मत नहीं टूटने देंगे। उन्होंने दिल्ली के भाजपा सांसदों को भी खिलाड़ियों का साथ देने के लिए निमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि यह तय किया गया है कि 7 मई को फिर गांवों के लोग जंतर-मंतर पर जुटेंगे और महापंचायत कर आंदोलन की आगे की रणनीति बनाएंगे।
आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश संयोजक एवं कैबिनेट मंत्री गोपाल राय ने जंतर मंतर पर धरनारत खिलाड़ियों के समर्थन में आए दिल्ली के 360 गांवों से आए प्रतिनिधियों, पार्षदों व विधायकों संबोधित किया। उन्होंने कहा कि ओलंपिक में मेडल जीत कर देश का मान-सम्मान बढ़ाने वाले खिलाड़ियों को पिछले 10 दिनों से जंतर मंतर पर आंदोलन कर रहे हैं। देश की शान हमारी बहनें गर्मी और बारिश में भी आंदोलन करने को मजबूर होना पड़ रहा है। वहीं, देश के प्रधानमंत्री के पास फुर्सत नहीं कि वे इन खिलाड़ियों को बुलाकर इनसे बात कर सकें। कल भाजपा नेता प्रवेश वर्मा ने ट्वीट किया कि ”आप’ के नेता इस आंदोलन को हाईजैक करना चाहते है। मैं उनको चुनौती देता हूं कि अगर उनके अंदर समाज और बहन-बेटियों की इज्ज़त को लेकर चिंता है तो वो भी आकर हमारे साथ जंतर मंतर पर बैठें और खिलाड़ियों का समर्थन करें। इन खिलाड़ियों ने पूरी दुनिया में भारत का तिरंगा फहराया है और आज इन्हीें से इनकी जाति पूछी जा रही है। लेकिन हमारा तिरंगा किसी भी जाति से ऊपर है। एक खिलाडी को तैयार करने में एक परिवार अपना सबकुछ दांव पर लगा देता है। मां-बाप अपना पेट काटकर, अपना सब कुछ न्यौछावर कर अपने बच्चे को खिलाडी बनाने के लिए भेजता है और ये खिलाड़ियों की जात पूछ रहे हैं। खिलाड़ियों की एक ही जात है, ये हिंदुस्तानी हैं। जो भारत के लोगों की जाति है, वही हमारे खिलाड़ियों की जाति है। जब ये खिलाड़ी तिरंगे के सम्मान के लिए बाहर जाते है तो उसके साथ सभी जातियों की दुआएं और आशीर्वाद भी जाता है।
उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों को समर्थन देने के लिए दिल्ली के नरेला, बवाना, मुंडका, नजफगढ़, मटियाला, छतरपुर, बिजवासन समेत 360 गांवो के प्रतिनिधि आए हैं। ये एक ही बात कहने के लिए आए हैं कि अगर भाजपा की सरकार यह सोचती है कि इन खिलाड़ियों को हम ऐसे ही सड़क पर छोड़ देंगे और एक दिन मजबूर होकर ये जंतर मंतर छोड़कर चले जाएंगे तो आप ग़लतफहमी में है।

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