टोक्यो : निर्मला सीतारमण ने जापान के निवेशकों को भारत में नवीकरणीय ऊर्जा सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुये आज कहा कि भारत ने कारोबार से जुड़े कई नियम सुगम बनाये गये हैं और अमृतकाल में वर्ष 2027 तक पूर्ण कारोबारी सुगमता सुनिश्चित करने की दिशा में बढ़ रहा है। जी 7 की बैठक में लिए आज सुबह यहां पहुंची सीतारमण ने भारतीय दूतावास और जापान चैंबर ऑॅफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के सहयोग से आयोजित एक कार्यक्रम में निवेशकों और उद्यमियों को संबोधित करते हुये अमृतकाल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुये कहा कि अगले 25 वर्षाें में वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की जरूरतों को ध्यान रखकर इस वर्ष का आम बजट तैयार किया गया है और इसमें हर क्षेत्र पर ध्यान दिया गया है।
उन्होंने जापानी निवेशकों और उद्यमियों की सराहना करते हुये कहा कि भारत में कई कारोबारी नियम सुगम बनाये गये हैं और अमृतकाल में वर्ष 2027 तक पूर्ण कारोबारी सुगमता सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने काेरोना महामारी और उसके बाद भारत में किये गये सुधार और विकास का उल्लेख करते हुये कहा कि महामारी से निपटने के लिए किये गये उपायों से भारत को तीव्र विकास के पथ पर ले जाने की नींव तैयार हुयी। जापान के आर्थिक सुधारा और पुनर्गठन का उल्लेख करते हुये उन्होंने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जापान ने जो प्रगति की है वह अपने आप में उत्साहित करने वाला है।
उन्होंने कहा कि अमृतकाल में फिजिकल और डिजिटल दोनों तरह के इंफ्रास्ट्रक्चर, घरेलू और विदेशी दोनों तरह के निवेश, लोगों के जीवन में प्रौद्योगिकी के उपयोग के लिए नवाचार और प्रत्येक नागरिक तक वृद्धि और विकास के लाभों को पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। उन्हाेंने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की क्रांति और इसके प्रभाव का उल्लेख करते हुये कहा कि सिर्फ डिजिटल भुगतान ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा, वित्तीय समावेशन और कृषि के क्षेत्र में इसका उपयाेग किया गया है और पारदर्शिता एवं जिम्मेदारी को इसमें शामिल किया गया है।
सीतारमण ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का जिक्र करते हुये कहा कि इसके लिए प्रस्तावित सेंटर ऑफ एक्सिलेंस से न:न सिर्फ वर्तमान पीढ़ी का लाभ होगा बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि भारत सरकार लोगों को एआई के क्षेत्र में कुशल बनाने पर भी ध्यान दे रही है ताकि युवा पीढ़ी इसका उपयोग नवाचार और समाधान के लिए कर सके। उन्होंने भारत के अर्थव्यवस्था को हरित बनाने की प्रतिबद्धता का जिक्र करते हुये कहा कि भारत ने अपने बल पर 175 गीगावाॅट सौर ऊर्जा का उत्पादन हासिल कर लिया है और अब वर्ष 2030 तक इसको बढ़ाकर 300 गीगावाॅट करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि विभिन्न 14 क्षेत्रों के लिए पीएलआई की घोषणा की जा चुकी है और अब इसको सेमीकंडटर और सोलर उपकरणों को भी इसमें शामिल करने की तैयारी चल रही है।
सीतारमण जी 7 की बैठक में भाग लेने के लिए दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर जापाान पहुंची हैं। जापान और मार्शल आईलैंड के भारतीय राजदूत सिबी जार्ज ने सीतारमण का टोक्यो के हनेडा हवाईअड्डे पर आगवानी की। गुरुवार को वित्त मंत्रालय ने ट्वीट कर जानकारी दी कि वित्त मंत्री जापान की दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर हैं। वह निगाता में आयोजित होने वाली जी-7 की बैठक में शामिल होंगी, जहां वह वित्त मंत्रियों एवं केंद्रीय बैंक के गवर्नरों के साथ बैठक करेंगी। वित्त मंत्रालय ने यह भी जानकारी दी कि जी-7 बैठक के लिए भारत को भी आमंत्रित किया गया है।
अमृतकाल में पूर्ण कारोबारी सुगमता सुनिश्चित होगा
