भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज कहा कि राज्य सरकार डिफाल्टर किसानों के ऋण का ब्याज स्वयं भरेगी और इसके लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। चौहान ने यहां मीडिया से चर्चा के दौरान इसे किसानों के लिए बड़ी सौगात बताते हुए कहा कि किसान ऋणमाफी के धोखे के कारण अनेक किसानों ने ऋण नहीं चुकाया और इस वजह से किसानों के ऋण पर ब्याज बढ़ गया और वे डिफाल्टर हो गए। राज्य सरकार ने किसानों के सिर से ब्याज की गठरी उतारने का फैसला लिया है और इसके लिए विशेष अभियान आज से प्रारंभ हो रहा है। चौहान ने बताया कि अभियान के तहत डिफाल्टर किसानों से फार्म भरवाए जाएंगे और उनका ब्याज सरकार भरेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हम किसानों के साथ सदैव खड़े हैं। दरअसल चौहान आज अपरान्ह बाद सागर जिला मुख्यालय पर आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री कृषक ब्याज माफी योजना के आवेदन कार्यक्रम की शुरूआत करेंगे। इस योजना के तहत राज्य में 11 लाख से अधिक किसानों की लगभग 2123 करोड़ रुपयों की ब्याज राशि सरकार देगी। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने किसान ऋण माफी योजना लागू की थी, लेकिन 15 माह में सरकार का पतन हो गया। भाजपा इस योजना को किसानों के साथ छल बताती है, जबकि कांग्रेस नेताओं का कहना है कि उन्होंने इस योजना पर अमल शुरू कर दिया था और अनेक किसानों के ऋण माफ भी हुए हैं। मुख्यमंत्री ने मीडिया से चर्चा में यह भी बताया कि राज्य में सीएम जनसेवा अभियान (मुख्यमंत्री जनसेवा अभियान टू) निरंतर चल रहा है। आज अभियान का चौथा दिन है और अब तक 33 हजार 566 शिविर लग चुके हैं। इनमें 11 लाख 60 हजार से अध्ज्ञिक आवेदन आए हैं और पांच लाख 62 हजार से अधिक आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं। राज्य में इस वर्ष के अंत में विधानसभा चुनाव होना है। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के बाद अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित मध्यप्रदेश में सत्तारूढ़ दल के साथ ही मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस भी चुनावी तैयारियों में और तेजी से जुटती हुयी दिखायी दे रही है।
