गौरवशाली भारत

देश की उम्मीद ‎‎‎ ‎‎ ‎‎ ‎‎ ‎‎

ग्राम पंचायतों में गौशाला पशु आश्रय स्थल का होगा संचालन

उदयपुर : अशोक गहलोत की बजट घोषणा वित्तीय वर्ष 2022-23 में जिन ग्राम पंचायतों में गौशाला पशु आश्रय स्थल का संचालन करने के लिए सक्षम एनजीओ उपलब्ध होंगे वहां प्राथमिकता से एक-एक करोड तक की राशि से गौशाला स्थापित की जाएगी। संयुक्त निदेशक डॉ शक्ति सिंह ने बताया कि संबंधित ग्राम पंचायत, चयनित गैर सरकारी संस्था एनजीओ के पास 200 गौवंश की गौशाला पशु आश्रय स्थल हेतु स्वयं के स्वामित्व, लीज, आवंटन की 5 बीघा अर्थात 8000 वर्गमीटर भूमि का होना आवश्यक है। लीज की अवधि ग्राम पंचायत गौशाला पशु आश्रय स्थल के निर्माण एवं संचालन हेतु आवेदन करने की तिथि से 20 वर्ष होनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि पशु आश्रय स्थल खोलने से ग्रामीण क्षेत्रों के आवारा निराश्रित गौंवश को आश्रय मिलेगा। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा. निराश्रित गौवंश से खेतों में फसलों के नुकसान में कमी लाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्वयं सेवी संस्थाओं के माध्यम से निराश्रित गौवंश को आश्रय प्रदान कर इनके पालन-पोषण व देखभाल को बढावा देना एवं जीवन स्तर में सुधार का प्रयास करना, निराश्रित व आवारा गौवंश के अनियंत्रित प्रजनन में कमी लाना, शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आवार गौवंश से होने वाली दुर्घटनाओं में कमी लाना, आवासित गौवंश की उचित देखरेख हेतु गौशाला पशु आश्रय स्थल आधारभूत परिसम्पतियों का निर्माण करना है।
योजना से लाभ
संयुक्त निदेशक ने बताया कि इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से स्थायी परिसम्पतियों का निर्माण एवं ग्राम पंचायतों में गौशालाओं. पशु आश्रय स्थल में आधारभूत सुविधाओं का विकास होगा। वहीं असहाय व निराश्रित गौवंश का संरक्षण एवं स्वयं सेवी संस्थाओं के माध्यम से उचित प्रबन्धन हो सकेगा। सड़कों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विचरण कर रहे निराश्रित गौवंश की संख्या में कमी आयेगी। निराश्रित गौवंश से फसलों को होने वाले नुकसान से किसानों को राहत मिल सकेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *