जौनपुर : उत्तर प्रदेश में दीवानी न्यायालय जौनपुर के परिसर मंगलवार को हुयी गोलीबारी के बाद परिसर में सुरक्षा व्यवस्था न होने के विरोध में आज बुधवार को अधिवक्ताओं ने कार्य का बहिष्कार किया। वकीलों ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी की, वहीं दूसरी ओर घटना के बाद न्यायालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था चौकस कर दी गई। दीवानी न्यायालय के गेट पर सभी अधिवक्ताओं व वादकारियों की मेटल डिटेक्टर से जांच के बाद ही अंदर प्रवेश दिया जा रहा है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार छह मई 2022 को गौराबादशाहपुर के धर्मापुर बाजार में ठेले पर अंडा खाने के मामूली विवाद में युवा पहलवान ठकुरची निवासी बादल यादव की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी।
हमले में उसका साथी उतरगांवा का अंकित यादव घायल हो गया था, इस मामले में आरोपित गौराबादशाहपुर के कबीरुद्दीनपुर निवासी 28 वर्षीय सूर्य प्रताप राय उर्फ गोलू व जफराबाद के सरैंया नेवादा निवासी 38 वर्षीय मिथिलेश गिरि उर्फ डबलू को मंगलवार को पुलिस पेशी के लिए जेल से लाई थी। करीब 12 बजे सिपाही दोनों को हवालात से अभिरक्षा ( कस्टडी) में लेकर जिला जज कोर्ट में पेश करने ले जा रहे थे, तो मारे गए पहलवान बादल यादव के भाई श्रवण यादव ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर दोनों पर फायर करना शुरू कर दिया, जिससे गोलू के पीठ और गिरी के हाथ में गोली लगी।
ड्यूटी पर तैनात आरक्षी आनंद ने अधिवक्ताओं के सहयोग से श्रवण यादव को पकड़ लिया, जबकि दो फरार हो गए, अधिवक्ताओं श्रवण यादव की जमकर पिटाई की। कांस्टेबल आनन्द की तहरीर पर श्रवण यादव के विरुद्ध लाइन बाजार थाने में हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वहीं मंगलवार देर रात पुलिस अक्षीक्षक डॉ अजयपाल शर्मा ने ड्यूटी लापरवाही बरतने पर एक दारोगा सहित छह पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया। इन सभी की ड्यूटी दीवानी न्यायालय के गंट नंबर तीन पर लगी थी।
