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नाइजीरिया में फंसे कामगारों के लिए प्रभावी कदम

प्रयागराज : प्रमोद तिवारी ने कहा कि नाइजीरिया में संविदा पर काम करने को भेजने वाली कंपनी के लापता होने से बंधक बनाए गये सैकडों भारतीय मजदूरों की बेहतरी के लिए विदेश मंत्रालय ने अबुजा स्थित भारतीय उच्चायोग से प्रभावी कदम और हर संभव मदद करने का निर्देश दिया है। तिवारी ने रविवार को जारी अपने एक बयान में कहा है कि नाइजीरिया में मजदूरी के लिए एक कंपनी की संविदा पर उत्तर प्रदेश समेत आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और झारखंड के लगभग 140 मजदूर गये हैं। उन्होंने लिखा है कि जिस कंपनी ने वहां मजदूरी के लिए कामगारों को संविदा पर भेजवाया था, वह लापता हो गयी है। ऐसी स्थित में सभी मजदूरों के सामने बडी समस्या उत्पन्न हो गयी है।
उन्होंने मजदूरों की सुरक्षा को लेकर 10 मई को भारत सरकार के विदेश मंत्री डॉ़ एस जयशंकर को पत्र लिखकर त्वरित कार्यवाही करने का अनुरोध किया है। मंत्रालय ने उच्चायोग को तुरंत प्रभावी कदम उठाने का निर्देश दिया। विदेश मंत्री ने 18 मई को उनके पत्र के जवाब में भरोसा दिलाया है कि नाइजीरिया में भारतीय कामगारों के रहने, खाने तथा सुरक्षा के साथ अन्य जरूरी इंतजामात के लिए अबुजा स्थित भारतीय उच्चायोग को फाैरन प्रभावी कदम उठाने का निर्देश दिये गये हैं।
उन्होंने बताया कि विदेश मंत्रालय के अधिकारी मजदूरों के कैम्प में पहुंचकर उन्हें सरकार की ओर से देखभाल तथा सुरक्षा के आवश्यक कदम उठाने का विश्वास दिलाया है। वरिष्ठ नेता ने बताया कि नाइजीरिया में फंसे मजदूरों के परिजनों द्वारा उन्हें यह जानकारी दी गयी। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में प्रतापगढ़ जिले के राम ललन सरोज, प्रयागराज के दस, देवरिया के आठ, गाजीपुर एक, सिद्धार्थनगर एक, सोनभद्र एक, बलिया के करीब आधा दर्जन तथा कुशीनगर के उन्नीस और गोरखपुर के भूपेश कहार आदि हैं। सभी मजदूर चेमिएटेक में शरण लिए हुए हैं।

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