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सभी खेल संगठनों में सुरक्षा उपाय लागू होने की जरूरत

नई दिल्ली : अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के एथलीट आयोग के सदस्य अभिनव बिंद्रा ने प्रदर्शनकारी पहलवानों की ‘भयावह तस्वीरों’ पर चिंता व्यक्त करते हुए सोमवार को सभी खेल संगठनों में ‘स्वतंत्र सुरक्षा उपाय’ लागू करने की मांग की। बीजिंग ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट निशानेबाज बिंद्रा ने ट्वीट किया, “ कल रात सो नहीं सका। अपने साथी भारतीय पहलवानों के प्रदर्शन की भयावह तस्वीरों ने (मुझे) विचलित रखा। समय आ गया है कि हम सभी खेल संगठनों में स्वतंत्र सुरक्षा उपाय लागू करें। ” उल्लेखनीय है कि बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक और विनेश फोगाट सहित देश के कई नामचीन पहलवान भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
करीब एक महीने से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन पर बैठे पहलवानों ने रविवार को नवनिर्मित संसद भवन के उद्घाटन समारोह के दौरान संसद तक मार्च करने और महिला महापंचायत आयोजित करने का फैसला लिया था। पहलवान हालांकि जंतर-मंतर रोड से आगे नहीं बढ़ सके और पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर प्रदर्शन स्थल से पहलवानों के तंबू उखाड़ दिये।
बिंद्रा ने कहा, “ हमें सुनिश्चित करना होगा कि अगर ऐसी स्थिति आती है तो इसका निपटान बेहद संवेदनशीलता और सम्मान के साथ किया जाये। हर एथलीट एक सुरक्षित और सशक्त करने वाले माहौल का हकदार है। ” बृजभूषण पर एक नाबालिग सहित सात महिला पहलवानों के यौन शोषण के आरोप हैं। दिल्ली पुलिस सभी पीड़ितों के बयान लेकर बृजभूषण के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज कर चुकी है, जिनमें से एक पॉक्सो (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण) से संबंधित है। कैसरगंज लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के सांसद बृजभूषण शरण सिंह हालांकि अभी तक गिरफ्तार नहीं हुए हैं।
बिंद्रा से पहले टोक्यो ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा, भारतीय फुटबॉल टीम के कप्तान सुनील छेत्री और बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों के रजत पदक विजेता मुरली श्रीशंकर ने भी पहलवानों की दुर्गति पर चिंता व्यक्त की थी। नीरज ने रविवार को पहलवानों के हिरासत में लिये जाने के एक वीडियो पर टिप्पणी की, “यह देखकर बहुत दुख हो रहा है। इससे निपटने का बेहतर तरीका हो सकता है।”
श्रीशंकर ने पहलवानों के साथ दिल्ली पुलिस के बर्ताव को बर्बर करार देते हुए ट्वीट किया, “बेहद बर्बर! हमारे चैंपियन इस बर्ताव के लायक नहीं थे। ओलंपक में पहुंचने का सपना देखने वाले एक एथलीट के तौर पर यह तस्वीर (मेरे मस्तिष्क पर) बहुत गहरा घाव छोड़ेगी।” छेत्री ने रविवार देर रात ट्वीट किया, “हमारे पहलवानों को बिना सोचे समझे घसीटे जाने की क्या जरूरत है? यह किसी के साथ व्यवहार करने का तरीका नहीं है। मैं वास्तव में उम्मीद करता हूं कि इस पूरी स्थिति का आकलन उसी तरह किया जाए जैसा होना चाहिए।”

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