हादसे का जिम्मेदार कौन, अब तक पता नहीं
भुवनेश्वर/बालासोर। ओडिशा के बालासोर में शुक्रवार शाम हुए रेल हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 288 हो गई है। 900 से ज्यादा लोग घायल हैं। हादसा बालासोर के बहानगा बाजार स्टेशन के पास शुक्रवार शाम करीब 7 बजे हुआ। न्यूज एजेंसी ने रेलवे के हवाले से जानकारी दी है कि ट्रेनों के बीच टक्कर रोकने वाला कवच सिस्टम इस रूट पर मौजूद नहीं था।
हादसे के 23 घंटे बाद यानी शनिवार शाम 6 बजे तक रेल मंत्री या रेलवे मिनिस्ट्री ने हादसे की वजहों पर कुछ नहीं कहा। मंत्री से लेकर अफसर तक जांच कराने की बात दोहराते रहे। इधर न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि सिग्नल फेल होना भी हादसे की वजह हो सकता है।
पहले ट्रेन डिरेल होने की खबर आई, फिर टकराने की जानकारी मिली
हादसे के एक घंटे बाद शाम को करीब 8 बजे बालासोर में एक ट्रेन के पटरी से उतरने की खबर आई। इसके बाद दूसरी ट्रेन डिरेल होने की बात पता चली। रात करीब 10 बजे साफ हुआ कि दो यात्री गाड़ियां और एक मालगाड़ी टकराई हैं। शुरुआत में 30 लोगों के मारे जाने की जानकारी थी, लेकिन देर रात यह आंकड़ा 200 के पार पहुंच गया।
एक ट्रेन मालगाड़ी से टकराई, सामने से आई दूरंतो इसकी बोगियों से भिड़ी
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि बहानगा बाजार स्टेशन की आउटर लाइन पर एक मालगाड़ी खड़ी थी। हावड़ा से चेन्नई जा रही कोरोमंडल एक्सप्रेस यहां डिरेल होकर मालगाड़ी से टकरा गई। एक्सप्रेस का इंजन मालगाड़ी पर चढ़ गया और बोगियां तीसरे ट्रैक पर जा गिरीं। कुछ देर बाद तीसरे ट्रैक पर आ रही हावड़ा-बेंगलुरु दुरंतो ने कोरोमंडल एक्सप्रेस की बोगियों को टक्कर मार दी।
ओडिशा ट्रेन हादसा : 288 मौतें, 900 घायल
